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यूपी: फर्रूखाबाद जिलाधिकारी ने सपा नेता व भूमाफिया सहित चार लोगों के पांच शस्त्र लाइसेंस किए निरस्त

Sat, 06 Feb 2021 08:06 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी ने सपा नेता व भूमाफिया सहित चार लोगों के पांच शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। उन्होंने लाइसेंस धारकों को एक माह में शस्त्रों की बिक्री न करने पर सरकारी मालखाने में जमा कराने के आदेश दिए हैं। 
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4 दिसंबर 2020 को फतेहगढ़ के मोहल्ला नवदिया निवासी लोहिया वाहिनी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष रजत माहेश्वरी (रजत क्रांतिकारी) के खिलाफ उनके भाई विवेक माहेश्वरी ने जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। भाइयों में बंटवारे को लेकर हुए विवाद में रजत पर जान से मारने की नीयत से रिवाल्वर से फायर करने का आरोप लगाया गया था।

पुलिस अधीक्षक की सिफारिश पर जिलाधिकारी ने शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर नोटिस दिया था। नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर जिलाधिकारी ने रिवाल्वर का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। रजत माहेश्वरी ने कहा कि किसी भी मुकदमे में उनके खिलाफ चार्जशीट नहीं लगी है। उनका घरेलू विवाद था। सपा नेता होने से उनके खिलाफ षड्यंत्र के तहत कार्रवाई की गई है।
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कायमगंज के मोहल्ला पृथ्वी दरवाजा निवासी खुशनवाज खां को करीब दो करोड़ की शत्रु संपत्ति हड़पने के मामले में जिलाधिकारी ने 26 जुलाई को भूमाफिया घोषित किया था। इनके खिलाफ धोखाधड़ी सहित छह धाराओं में मुकदमा दर्ज है। एसपी की जांच आख्या पर जिलाधिकारी ने खुशनवाज खां की राइफल व रिवाल्वर के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं।

इसके अलावा कंपिल थाना क्षेत्र के गांव जिजौटा बुजुर्ग निवासी पूर्व प्रधान लल्लाबाबू उर्फ राजकुमार के खिलाफ दर्ज जानलेवा हमले के मुकदमे में जांच कर कंपिल थानाध्यक्ष ने शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए रिपोर्ट दी थी। एसपी की आख्या पर डीएम ने पूर्व प्रधान की राइफल का लाइसेंस निरस्त कर दिया। वहीं शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव किसरौली निवासी प्रमोद कुमार के खिलाफ उसके भाई धर्मेंद्र सिंह ने जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था।

एसपी की रिपोर्ट पर डीएम ने प्रमोद की दोनाली बंदूक का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। जिलाधिकारी ने सभी शस्त्र धारकों को एक माह के अंदर अपने शस्त्रों की बिक्री करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही संबंधित थानाध्यक्षों को एक माह में शस्त्र बिक्री न होने पर सरकारी मालखाने में जमा कराने के लिए कहा है।
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