दो शिफ्टों में होगा यूपी बोर्ड उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन
फर्रुखाबाद। बोर्ड परीक्षा की कापियों के पांच मई से होने वाले मूल्यांकन की तैयारी को लेकर सीडीओ ने प्रधानाचार्य व प्रबंधकों के साथ शनिवार को बैठक की। उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए दो शिफ्टों में मूल्यांकन कराने के निर्देश दिए। कक्षों में सैनिटाइजेशन कराने को कहा।
जनपद में यूपी बोर्ड के राजकीय, सहायता प्राप्त व वित्तविहीन कुल 271 विद्यालय हैं। लॉकडाउन के चलते ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है। पांच मई से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिए की उत्तरपुस्तिकाओं का दो केंद्रों पर मूल्यांकन शुरू होगा। विकास भवन सभागार में शनिवार दोपहर बैठक के दौरान सीडीओ डा.राजेंद्र पैंसिया ने कहा कि उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन दो शिफ्टों में होगा।
मूल्यांकन कक्षों को हाइपोक्लोराइड से सैनिटाइज कराने के साथ सभी परीक्षक मास्क पहनें। सभी शिक्षक अपने मोबाइल में आरोग्य सेतु डाउनलोड करने के साथ ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों के मोबाइल में भी डाउनलोड कराएं। स्कूलों में हैंडवॉश स्टेशन बनवाए जाएं।
स्टेशनरी की सभी दुकानें पूरे समय खुलेंगी। जीआईसी फतेहगढ़ में कक्ष कम होने से जीजीआईसी के कक्षों में मूल्यांकन कराने का भी प्रस्ताव रखा गया। इसके बाद सीडीओ ने बीएसए लालजी यादव, एआरपी व एसआरपी को सभी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कराने के साथ बच्चों व अभिभावकों के मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड कराने के निर्देश दिए।
20 दिन में 3.25 लाख कापियों का मूल्यांकन
जिला विद्यालय निरीक्षक डा.आदर्श कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जीआईसी फतेहगढ़ व केआर रस्तोगी इंटर कालेज फर्रुखाबाद मूल्यांकन केंद्र हैं। 17 से 24 मार्च तक करीब 25 हजार कापियों का मूल्यांकन हुआ था। सवा तीन लाख से अधिक कापियों का मूल्यांकन 25 मई तक समाप्त होना है। मूल्यांकन सुबह आठ से दो और दोपहर दो से शाम छह बजे तक चलेगा। शिक्षकों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई जाएगी।
कुर्सी न मिलने पर प्रधानाचार्य की सीडीओ से नोकझोंक
विकास भवन सभागार में बैठक के दौरान कुर्सी खाली न होने से बाहर भीड़ लगी रही। इस दौरान एक महिला प्रधानाचार्य ने सीडीओ के पास जाकर कहा कि खड़े होकर कहीं मीटिंग नहीं होती है। सीडीओ ने दूसरी शिफ्ट में बैठने के लिए इंतजार करने को कहा। इस पर प्रधानाचार्य उखड़ गईं।
सीडीओ ने नोटिस भेजने की बात कही तो प्रधानाचार्य बड़बड़ाती हुई सभागार से निकलीं और कहा कि उन्हें सीडीओ से वेतन थोड़ी मिलता है और बैठक छोड़कर चली गईं।