फर्रुखाबाद में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा झूठ, डराने और नफरत फैलाने की राजनीति कर रही है। काम सिर्फ नारों तक सीमित है। संविधान और मर्यादा को भी बचाना है। अर्थव्यवस्था डूब गई और रोजगार खत्म हो गए। योगी आदित्यनाथ पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने अपने मुकदमे खुद वापस लिए।
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अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
अंतिम व्यक्ति तक जुड़ाव बनाना है। इसीलिए प्रदेश भर में कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करके जन-जन तक भेजा जाएगा। किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। समय आने पर किसान ही भाजपा की नाकेबंदी कर देंगे। तीनो कृषि कानून रद्द होने चाहिए। सपा मुखिया पीडब्ल्यूडी निरीक्षण भवन में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। जिले से सपा का गहरा रिश्ता बताते हुए कहा कि अब लगातार आना-जाना रहेगा। उन्होंने कहा कि सपा किसानों के हित में हर लड़ाई के लिए तैयार है।
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अखिलेश यादव कार्यकर्ताओं के साथ
- फोटो : amar ujala
उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन, मेक इन इंडिया और निर्मल गंगा अभियान पर भी सवाल खड़े किए। बोले कि गंगा में अभी गंदगी ही है। मेक इन इंडिया का कहीं असर नहीं है। इन मदों के अरबों रुपये कहां गए, सरकार को जनता को जवाब देना होगा। कहा कि संकिसा और कंपिल में सपा शासन में ही विकास कार्य हुए। आने वाले चुनाव में प्रदेश में सपा की सरकार बनने जा रही है। विकास कार्य का पहला बड़ा उद्घाटन फर्रुखाबाद से ही होगा। कहा कि आजम खां पर झूठे मुकदमे लगाए गए हैं। वे सपा के बड़े नेता हैं। एक दिन सच सामने आ जाएगा।
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कार्यकर्ता सम्मेलन में अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
कहा कि किसान जायज मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार 26 जनवरी को तीनों कृषि कानून रद्द कर दे। आने वाले सत्र में सभी फसलों के एमएसपी वाला नया कानून लाकर किसानों की आय दोगुनी करने के लिए काम करे। कहा कि सपा के लैपटॉप आज भी चल रहे हैं। भाजपा ने घोषणा पत्र में लैपटॉप देने की बात कही थी, मगर मुख्यमंत्री योगी को लैपटॉप चलाना ही नहीं आता। कहा कि तांडव वेब सीरीज से भाजपा घबरा गई है।
मास्टरमाइंड लोग सोशल मीडिया पर जनता को गुमराह कर रहे हैं। सपा जोड़ती है, तोड़ती नहीं। केंद्र की रणनीति में कमी के कारण फौजें जोखिम में काम कर रही हैं। कहा कि लड़ाई बड़ी है। भाजपा जो भी साजिश करेगी, उसका जवाब दिया जाएगा। इसीलिए प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। उन्होंने कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। बोले कि बदायूं की घटना शर्मनाक है। उनके साथ जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारुकी, पूर्व सांसद मुन्नू बाबू समेत कई नेता थे।