फोटो-39 बूंदाबांदी के दाैरान शहर के मुख्य मार्ग से गुजरते वाहन। संवाद
फर्रुखाबाद/कायमगंज। मंगलवार शाम को हुई बेमौसम बूंदाबांदी से मौसम एक बार फिर सर्द हो गया। अचानक बदले मौसम ने आलू, तंबाकू, सरसों, चना आदि की खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शहर की सड़कों और गलियों में कीचड़ से दिक्कत हुई।
सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही। दोपहर बाद घना बादल छा गया। हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। कुछ दिनों से धूप निकलने के कारण ठंड से राहत मिल रही थी, लेकिन अचानक बूंदाबांदी के बाद सर्द हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी। दोपहर में चली तेज ठंडी हवाओं के कारण लोग गर्म कपड़ों को ओढ़े लपेटे नजर आए। कभी तेज तो कभी धीमी बूंदाबांदी से सड़कों पर सन्नाटा सा पसर गया। सड़कों और गलियों पर कीचड़़ से लोगों को खासी दिक्कतें हुईं।
कायमगंज क्षेत्र में सुबह से ही बादल छाए रहने से सूरज के दर्शन नहीं हुए। किसानों का कहना है कि यदि बूंदाबांदी तेज बारिश में बदली, तो आलू, तंबाकू, सरसों, चना की फसलों को नुकसान होना तय है। आलू में झुलसा रोग लगने और तंबाकू की पत्तियों के गलने की आशंका जताई जा रही है। सब्जी उत्पादक किसान भी मौसम के इस बदलाव से परेशान हैं।