फसलों के लिए आसमान से आफत बरस रही है। जायद की मक्का के 10 से 15 फीसदी
बीज खेतों में ही सड़ गए हैं। गेहूं में 40 से 45 फीसदी तो सरसों में 20
फीसदी के करीब नुकसान का अंदेशा है। रविवार को भी बारिश जारी रही। इससे
नुकसान और बढ़ सकता है।
तीन दिन से बूंदाबांदी चल रही है। रविवार को
दोपहर बाद पानी बरसा। किसानों ने फरवरी के अंतिम सप्ताह से जायद की मक्का
की बुवाई शुरू की थी जो चल रही है। 10 से 15 दिन पहले बोई गई मक्का के बीज
खेतों में सड़ने लगे हैं। खेतों में पपड़ी जमने से भी 10 फीसदी के करीब
बीजों के अंकुरित होने को लेकर संदेह है। अब किसान पपड़ी को तोड़ने के लिए
निराई में जुटे हैं। किसानों का कहना है कि तकरीबन 25 फीसदी नुकसानी अभी
दिखाई दे रही है। 5 मार्च से पहले भी
बरसात हुई थी। तब तेज हवाएं भी चली
थीं। इससे गेहूं के पौधे खेतों में पसर गए थे। इससे 50 फीसदी के करीब
पैदावार गिर सकती है। पक ने की कगार पर पहुंचे गेहूं में नमी से दाने काले
पड़ सकते हैं। सरसों पर भी बरसात का कहर टूटा है। मार्च के पहले सप्ताह की
बरसात से 15 फीसदी के करीब पैदावार पर असर पड़ा है। दाने बेहद कमजोर हैं।
इस बार की
बरसात से यह दाने काले पड़ जाएंगे। कृषि विशेषज्ञ अतर सिंह यादव
का कहना है कि बरसात के चालू रहने से नुकसान में और अधिक इजाफा हो सकता है।
दोबारा होगा नुकसान का सर्वे
मार्च में पहले की बरसात में
फसलों में हुई नुकसानी का सर्वे जिला प्रशासन ने करवाया था। इसमें जिले भर
में सभी फसलों में 15 से 20 फीसदी नुकसान पाया गया था। इसमें किसी भी किसान
को मुआवजे के लिए पात्र नहीं पाया गया था। एडीएम मनोज सिंघल ने बताया कि
अब नए सिरे से नुकसानी का सर्वे करवाया जाएगा।
सड़ने लगा खेतों में डंप आलू
बरसात से आलू किसानों की तबाही और बढ़ गई है। खेतों में डंप आलू सड़ने लगा
है। रविवार को भी बरसात जारी रहने से किसान परेशान हैं। निनौआ के किसान
राजेश का पालीथिन से ढंका 500 पैके ट आलू खेतों में सड़ गया। इससे इन्हें
आज के भाव में एक लाख रुपये की चोट पहुंची है। राजेश का कहना है कि कोल्ड
स्टोरेज ने हाउसफुल की बात कह कर बैरंग कर दिया था। रामसरन व शमी के खेतों
में लगा आलू भी खराब होने लगा है। इस साल आलू की 11 लाख मीट्रिक टन के
करीब पैदावार हुई है। भंडारण न हो पाने से 10 से 13 फीसदी फसल खेताें में
डंप है। पतेल से ढके आलू में हरा रंग व दाग आने लगा है। पॉलीथिन से ढके आलू
में सड़न चालू हो गई है। खुले में लगा आलू भी दागी होने लगा है।
जिले
में 65 कोल्ड स्टोरेजों की भंडारण क्षमता 6 लाख मीट्रिक टन के करीब है।
इनमें भंडारण की गुंजाइश नहीं बची है। किसान दाम बढ़ने की उम्मीद में थे।
आलू में खराबी से इनकी यह उम्मीद भी टूटती लग रही है।
नहीं मिली शिकायत
आलू
विकास अधिकारी नेपाल राम का कहना है कि कोल्ड स्टोरेजों के भंडारण न करने
की कोई शिकायत अभी तक नहीं मिली है। शिकायत आती है तो समस्या का समाधान
कराया जाएगा।
दो फीसदी आलू दागी
आलू आढ़ती एसोसिएशन के
अध्यक्ष सतीश वर्मा का कहना है कि इन दिनों 60 हजार क्विंटल के करीब आलू
बिकने आ रहा है। सबसे उम्दा आलू के भाव 450 रुपये प्रति क्विंटल हैं। औसतन 2
फीसदी आलू दागी आ रहा है।
तंबाकू के पौधों में लगा गला
बेमौसम बारिश से तंबाकू में गला लगने से 25 से 30 प्रतिशत तक फसल के तबाह
होने की आशंकाएं हैं। शुक्रवार से दोबारा शुरू हुई बारिश से तंबाकू के
पौधों में गला लगने से यह गिरने लगे हैं। पत्ते पीले पड़ने लगे हैं।
किसानों का कहना है कि 3-4 दिन तक बारिश होती रही तो 50 प्रतिशत फसल को
तबाह होने से कोई नहीं बचा सकता। आम की फसल पर भी संकट है। हवा और बारिश
के बीच पेड़ों पर चटका बौर झड़ने लगा है। इससे इस बार मात्र 10 से 12
प्रतिशत
बरसात से शहर में पूरे दिन रहा कीचड़
रविवार
सुबह और दोपहर बाद हुई रिमझिम बरसात से पूरे शहर में कीचड़ ही कीचड़ नजर
आया। शनिवार को देर रात जमकर बारिश हुई। रविवार सुबह करीब 9 बजे से रिमझिम
फुहारें पड़ने लगीं। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे तेज धूप खिल आई। फिर दोपहर
करीब 2.45 बजे बरसात शुरू हो गई। इससे शहर के निचले मोहल्ले घोड़ा नखास,
मनिहारी, अंगूरीबाग, गंगादरवाजा, छावनी, गिहार बस्ती लकूला, गढ़ी जमा खां,
भाऊटोला, मेमरान और छावनी मोहल्ला स्थित
गलियों में कीचड़ हो गया। इसके
अलावा मुख्य मार्ग रेलवे रोड, नेहरू रोड, किराना बाजार, पक्कापुल, बजरिया
मार्ग, सुतहट्टी बाजार और मसेनी चौराहा मार्ग पर भी पूरे दिन कीचड़ रहा।
त्रिपोलिया चौक से घुमना बाजार तक लगने वाले संडे बाजार से रौनक गायब रही।