बिजली विभाग को तीन हजार बकाएदारों की तलाश है। इन पर एक लाख रुपये से अधिक
रकम बाकी है। इनको खोजने की जिम्मेदारी एसडीओ और अवर अभियंताओं को दी गई
है। इनके खिलाफ आरसी जारी करने की तैयारी शुरू कर दी गई हैं।
वर्ष 1980
से 2010 तक लगभग तीन हजार ऐसे उपभोक्ता हैं, जो निगम के कागजों में दर्ज
हैं। इनके बिल बनने बंद हो गए
थे। अब इन्हें दोबारा बिल जारी होने लगे
हैं। यह करीब एक लाख रुपये से अधिक के बकाएदार हैं। इनमें कई ऐसे उपभोक्ता
हैं जिनके 10 साल से बिल नहीं बन रहे हैं। वर्ष 2014 में इनके दोबारा से
बिल बनने शुरू हो गए। विभाग ऐसे उपभोक्ताओं की तलाश कराएगा। एक्सईएन ने एक
लाख रुपये से अधिक के बकाएदारों की सूची तैयार कर एसडीओ और अवर अभियंताओं
को दी है। यह मौके पर उपभोक्ताओं का सत्यापन करेंगे। एक लाख रुपये से अधिक
के एक हजार बकाएदारों को आरसी जारी की
जाएगी। इनकी भी सूची तैयार कर ली गई
है। एक्सईएन सुरेश कुमार ने बताया कि जो उपभोक्ता विभागीय कागजों में है
और बिल नहीं बन रहे हैं, उनका सत्यापन कराया जाएगा। मौके पर मिलने वाले
उपभोक्ताओं से बकाएदारी जमा कराई जाएगी। पीडी करा चुके उपभोक्ताओं की अलग
से सूची बनेगी। इनका नाम विभागीय कागजों से हटा दिया जाएगा। उन्होंने बताया
कि एक हजार उपभोक्ताओं के खिलाफ बकाएदारी जमा न करने पर आरसी जारी की जा
रही है।
यह जाना जाएगा सर्वे में
- उपभोक्ताओं के बिल सही बने या गलत।
- वर्तमान रिहाइश, जिले में रह रहा या जिले से बाहर।
- उपभोक्ता की पीडी है या नहीं।