फर्रुखाबाद। जिले के अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। भवन तक मानकों के अनुसार नहीं हैं। ज्यादातर सेंटर पर भ्रूण लिंग परीक्षण न कराने के बोर्ड और किताबें नहीं मिलीं। कई सेंटर पर रेडियोलॉजिस्ट भी नहीं मिले। कोई भी जांच 19 बिंदुओं पर खरा नहीं उतरा। मजिस्ट्रेट की अगुवाई वाली टीमें जांच रिपोर्ट सीएमओ को दी जाएगी।
जिले में 54 अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हैं। शनिवार सुबह जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने कलक्ट्रेट सभागार में बैठक कर अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच के लिए प्रशासनिक और स्वास्थ्य अधिकारियों की तीन टीमें बनाईं। पहली टीम में सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार मौर्य व डिप्टी सीएमओ डॉ. राजीव शाक्य, दूसरी टीम में एएसडीएम सुनील कुमार यादव व डिप्टी सीएमओ डॉ. उत्तम चंद्र और कायमगंज के लिए बनी तीसरी टीम में एसडीएम नरेंद्र सिंह व सीएचसी प्रभारी डॉ.अनुराग वर्मा को रखा गया।
प्रत्येक टीम को छह अल्ट्रासाउंड सेंटर की 19 बिंदुओं पर जांच करने का आदेश दिया गया। ज्यादातर अल्ट्रासाउंड सेंटर आवासीय और अमानक भवनों में चलते मिले। सेंटरों में पर्याप्त जगह भी नहीं थी। न ही भ्रूण परीक्षण के लिए डिस्प्ले लगे मिले और न ही सेंटरों पर भ्रूण परीक्षण एक्ट संबंधी किताब ही मिली। रेडियोलॉजिस्ट भी मौके पर नहीं मिले। अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर भ्रूण लिंग परीक्षण की आशंका भी जताई गई। सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार मौर्य ने बताया कि छह अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच की। कोई भी सेंटर 19 बिंदुओं की जांच में खरा नहीं उतरा।
सीरियल नंबर छोड़कर की गई एंट्री
कायमगंज। एसडीएम नरेंद्र सिंह ने सीएचसी चिकित्साधीक्षक डॉ.अनुराग वर्मा व प्रभारी कोतवाल संतोष कुमार के साथ सूर्या नर्सिंग होम, एसएसजी नर्सिंग होम, मनीष नर्सिंग होम और फरीदी अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच की। एसडीएम ने बताया कुछ सेंटरों पर रजिस्टर में बीच में सीरियल नंबर छोड़कर एंट्री की गई है। इसकी जांच कराई जाएगी। साथ लिंग परीक्षण करते पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बाईपास रोड पर शरद अल्ट्रसाउंड सेंटर बंद मिला है।(संवाद)
वर्जन
18 अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच की गई है। जांच रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद अमानक अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ.वंदना सिंह, सीएमओ