फर्रुखाबाद। नाबालिग को घर से ले जाकर बंधक बना दुष्कर्म किया। वीडियो बनाने के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट डॉ. अनिल कुमार सिंह ने महिला व युवक को दोषी ठहराया। दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई। 91000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
थाना कादरीगेट क्षेत्र निवासी व्यक्ति ने महिला सहित युवक के खिलाफ नाबालिग पुत्री को बंधक बनाकर दुष्कर्म कर वीडियो बनाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि 12 अप्रैल 2024 को उसकी 14 वर्षीय पुत्री घर में अकेली थी। दोपहर करीब 12 बजे पड़ोसी सुभाष बाथम की पत्नी नन्ही व सुधीर वर्मा पुत्री को घर से बहलाकर अपने साथ अमेठी गांव स्थित नन्ही के बहनोई के घर ले गए। वहां सुधीर ने हत्या की धमकी देकर पुत्री संग दुष्कर्म किया। उसका वीडियो बनाया।
दोपहर करीब तीन बजे यह लोग पुत्री को घर पर छोड़ कर भाग गए। कुछ समय बाद इन लोगों ने दोबारा पुत्री को उसी जगह आने का दबाव बनाया। जब पुत्री ने जाने से मना किया तो वीडियो वायरल करने की धमकी दी। डरी-सहमी पुत्री ने घटना की जानकारी दी। पुलिस ने नाबालिग को षडयंत्र के तहत बंधक बनाकर दुष्कर्म कर वीडियो बनाने के मामले में नन्ही व सुधीर वर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की।
विवेचक ने विवेचना पूरी कर दोनों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से विकास कटियार, प्रदीप कुमार सिंह ने दलीलें दीं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने उन्हें दोषी सिद्ध किया।
मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट डॉ. अनिल कुमार सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी। गवाह व साक्ष्य के आधार पर नन्ही को षडयंत्र रच बंधक बनाकर धमकी देने में दोषी ठहराया। सुधीर वर्मा को षड़यंत्र कर पॉक्सो एक्ट में दोषी ठहराया। दोनों दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही 91000 रुपये जुर्माना भी लगाया।
जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को एक साल अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट डॉ. अनिल कुमार सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। गवाह व साक्ष्य के आधार पर दोनों को दोषी ठहराया।