फर्रुखाबाद/कायमगंज जिले में दो और लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसमें से एक युवक दिल्ली से लौटा था। इसे कोविड -19 एल-1 अस्पताल सीएचसी बरौन में भर्ती कराया गया। युवक के घर के आसपास का 250 मीटर एरिया सील कर दिया गया। उसके माता-पिता को पीएन फाउंडेशन क्वारंटीन सेंटर लाया गया है।
दूसरा युवक लोहिया अस्पताल में हाइड्रोसील का इलाज करा रहा था। आपरेशन से पहले ट्रूूनेट से हुई सैंपल की जांच में कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई। मरीज को मेजर एसडी सिंह मेडिकल कालेज के आइसोलेशन वार्ड में भेजकर दूसरा सैंपल दूसरा सेंपल सैफई स्थित मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। फिलहाल सोमवार तक के लिए ओपीडी बंद कर दी गई है।
कायमगंज के मोहल्ला पाठक निवासी 30 वर्षीय युवक दिल्ली में अपने छोटे भाई के साथ नौकरी करता था। वह 6 जून को बस से घर आ गया। दो दिन घर में रहने के बाद 8 जून को पीएन फाउंडेशन पहुंचा तो वहां उसे क्वारंटीन कर दिया गया। नौ जून को युवक का नमूना लेकर जांच को भेजा गया।
शुक्रवार देर रात आई जांच रिपोर्ट में उसके संक्रमित होने की पुष्टि हुई। सुबह जानकारी पर मोहल्ले में हड़कंप मच गया। युवक के माता-पिता को हाई रिस्क कांटेक्ट में लेकर पीएन फाउंडेशन सेंटर में क्वारंटीन कर दिया गया। वहीं संक्रमित को एंबुलेंस से एल-1 अस्पताल सीएचसी बरौन भेज दिया गया।
डॉ. संदीप ने बताया मोहल्ले में युवक के घर के सामने एक सरकारी हैंडपंप लगा है। उसे मोहल्ले के अन्य लोग भी इस्तेमाल करते हैं। युवक ज्यादा लोगों के संपर्क में नहीं आया, लेकिन उसकी मां पड़ोस के घर में होने वाली शादी के एक कार्यक्रम में शामिल हुईं थीं। जिले में अब तक 61 कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। इनमें 34 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं और 27 सक्रिय केस हैं। इनमें चार संपर्क मरीजों को छोड़कर सभी प्रवासी हैं।
दूसरे मामले में फर्रुखाबाद शहर के बिर्राबाग का एक युवक जयपुर में ब्लाक प्रिंटिंग का काम करता था। वह 27 मार्च को घर आ गया था। उसे हाइड्रोसील की दिक्कत थी। वह लोहिया पुरुष अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार को सर्जन डा. गौरव मिश्रा के पास ऑपरेशन को पहुंचा।
शुक्रवार को सैंपल लेकर उसकी कोरोना जांच ट्रूनेट मशीन से की गई। इसमें रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद डा. गौरव के कक्ष के आसपास का क्षेत्र को शनिवार सुबह ही बंद कर दिया गया। युवक को घर से बुलाकर दोबारा सैंपल लेकर सैफई मेडिकल कालेज जांच को भेजा गया। फिलहाल युवक को मेजर एसडी सिंह मेडिकल कालेज के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है।