गंगा में डूबने के बाद बिलखते छोटे भाई (स्कूल ड्रेस में )।
- फोटो : गंगा में डूबने के बाद बिलखते छोटे भाई (स्कूल ड्रेस में )।
फर्रुखाबाद। घर से बिना बताए अपने छोटे भाइयों के साथ गंगा नहाने गए दो छात्र डूब गए। करीब दो घंटे के प्रयास के बाद गोताखोरों ने दोनों को गंगा से बाहर निकाला। एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल लाया गया, जहां दोनों को मृृत घोषित कर दिया गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला गुरुद्वारा निवासी स्व. जगवीर का पुत्र आर्यन राठौर (15) अपने छोटे भाई सुशांत (12) और दोस्त शीशमबाग निवासी धर्मेंद्र का पुत्र देवांश दिवाकर (15), उसके भाई आयुष (12) के साथ पांचाल घाट गंगा नहाने दोपहर में पहुंचे। आर्यन और देवांश कक्षा नौ के छात्र थे। दोनों ही अपने भाइयों को किनारे खड़ा करके पैंटून पुल के उत्तरी ओर जाकर गंगा में नहाने लगे। अचानक दोनों डूबने लगे। चीख-पुकार सुनकर आसपास गोताखोरों ने खोजबीन शुरू की। इसी दौरान चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
सूचना मिलने पर परिजन भी घाट पर पहुंचे। काफी प्रयास के बाद गोताखोरों ने दोनों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें लोहिया अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
आर्यन के नाना राजवीर सिंह ने बताया कि दामाद की मौत के बाद से बेटी सुषमा और दोनों बच्चे उनके पास ही रह रहे थे। वही उन्हें पढ़ा रहे थे। सुबह टिफिन लेकर घर से गए थे। इसके बाद पांचाल घाट कैसे पहुंचे, समझ नहीं आ रहा है। भाइयों के शव देखकर छोटे भाई बेहाल दिखे।
चचेरे भाइयों की भी डूबकर हो चुकी है मौत
जहानगंज थाने के गांव चौकी महमदपुर निवासी अशोक कुमार कुशवाहा का पुत्र विवेक कुमार (18) अपने चचेरे भाई मोहित कुमार (17) और मां अन्नपूर्णा के साथ 13 फरवरी को गंगा स्नान करने आया था। पुल के नीचे नहाते समय दोनों भाई गंगा जल की तेज धार में समा गए थे। एसडीआरएफ को भी तीन दिन तक पता नहीं चला। आखिरकार एक का शव भोजपुर किला घाट और दूसरे का सरह चौकी क्षेत्र में शव बरामद हुआ था। यह घटना गहरे पानी में बैरिकेडिंग न होने के कारण हुई है।