एक क्लिक में करें दुर्गा मां के दर्शन
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इस बार नवरात्र 10 दिन के होंगे। 16 वर्ष बाद नवरात्र का पर्व विशेष संयोग में पड़ रहा है। इस विशेष संयोग में नवरात्र पड़ने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी।आचार्य योगीराज दबे (कमालगंज) बताते हैं कि इस बार प्रतिपदा तिथि दो दिन विद्यमान होने से 1 व 2 अक्तूबर को प्रतिपदा रहेगी, जिसके चलते इस बार 10 दिन के नवरात्र पड़ेंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2000 में भी 10 दिन के ही नवरात्र पड़े थे। तब भी दो दिन प्रतिपदा तिथि पड़ी थी। उनका कहना है कि इस बार मां
की आराधना करने वाले साधक को मनोवांछित फल मिलेगा। नवरात्र पर दुर्गा पाठ व हनुमान चालीसा का पाठ विशेष फलदायी होगा। नवरात्र पर साधक जमीन पर ही सोएं। आचार्य प्रदीप नारायण शुक्ल ने कहा कि साधक पूर्णत: ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए विधि-विधान से मां दुर्गा का पूजन करे। सुबह शाम मां के सामने दीपक जलाएं।कलश स्थापना करते समय नारियल का मुख नीचे की तरफ रखने से शत्रु में वृद्घि होती है। नारियल का मुख ऊपर रखने से रोग बढ़ते हैं। पूरब की
तरफ नारियल का मुख रखने से धन की हानि होती है। नारियल की स्थापना सदैव इस प्रकार करें, जिससे उसका मुख साधक की तरफ ही रहे। साधक की तरफ नारियल का मुख रहना शुभदायी माना गया है।
गणेश महोत्सव के बाद अब नवरात्र पर राजस्थानी कारीगर नवरात्र के चलते मां दुर्गा की प्रतिमाएं बनाने में लगे हैं। दो से लेकर छह फीट की प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र हैं।
फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ मुख्यमार्ग पर मिशन कंपाउंड के पास सड़क किनारे पन्नी तानकर राजस्थान के कारीगरों ने डेरा डाल रखा है। यह कारीगर पूरे परिवार के साथ भगवान की प्रतिमाएं बनाने में लगे हैं। गणेश महोत्सव के बाद अब कारीगर नवरात्र पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं बना रहे हैं। कारीगर चंद्राराम और खत्ताराम कहते हैं कि पीओपी और मिट्टी से प्रतिमाएं बनाते हैं। बाजार से मिट्टी और पीओपी खरीदकर लाने के बाद उसे मिक्स करते हैं। इसके बाद सांचे में डालकर भगवान की
प्रतिमाओं को तैयार करते हैं। सांचे से प्रतिमा बनाने के बाद उसमें वाटर कलर से रंगाई करते हैं। एक प्रतिमा बनने में दो से तीन दिन का समय लगता है। दो फीट की प्रतिमा की लागत 1000, चार फीट की प्रतिमा की लागत 2000, पांच फीट प्रतिमा की लागत 2500 और छह फीट की प्रतिमा की लागत करीब 3000 रुपये आती है। बेवर, मैनपुरी, हरदोई और कन्नौज आदि जिलों से भी लोग प्रतिमाएं खरीदने आते हैं।