फर्रुखाबाद। करीब नौ वर्ष पुराने किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) रितिका त्यागी की अदालत ने लल्लूराम उर्फ पंकज को सात वर्ष और धर्मपाल सिंह को पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दो अन्य व्यक्तियों की प्रथम दृष्ट्या संलिप्तता पाते हुए उन्हें भी तलब करने का आदेश दिया है।
थाना मऊदरवाजा क्षेत्र निवासी पीड़िता की मां ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया था कि 5 सितंबर 2017 की शाम वह अपनी 17 वर्षीय बेटी के साथ शौच के लिए गई थी। इसी दौरान लल्लूराम उर्फ पंकज और धर्मपाल सिंह साथियों की मदद से किशोरी को जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले गए। थाने में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचना के दौरान दुष्कर्म की धारा बढ़ाई गई। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर दोनों को दोषी पाया। लल्लूराम उर्फ पंकज को पॉक्सो एक्ट व अपहरण करने में सात वर्ष के कठोर कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। धर्मपाल सिंह को अपहरण करने के मामले में पांच वर्ष के कारावास व 20-हजार रुपये से दंडित किया।
अदालत ने पाया कि योगेंद्र और बृजेश की भी घटना में संलिप्तता है। हालांकि विवेचक ने उनके विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल नहीं किया था। अदालत ने दोनों को न्यायालय में तलब करने का आदेश दिया।