फर्रुखाबाद। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)-01 मेराज अहमद की अदालत ने पॉक्सो का झूठा मुकदमा दर्ज कराने और न्यायालय में झूठी गवाही देने के मामले में थाना कमालगंज क्षेत्र के लोहिया नगर निवासी बदन सिंह को दोषी करार देते हुए दो हजार रुपये से दंडित किया है। जुर्माना जमा न करने पर छह माह का कारावास भुगतना होगा।
वर्ष 2019 में रामवीर उर्फ रामू के खिलाफ थाना कमालगंज में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। सुनवाई के दौरान 8 मार्च 2022 को विशेष पॉक्सो अदालत ने पाया कि वादी बदन सिंह ने झूठे तथ्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया और न्यायालय में भी झूठी गवाही दी। इसके बाद अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा-22 के तहत उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। 30 अक्तूबर 2022 को थाना कमालगंज में बदन सिंह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया और आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
अदालत ने बदन सिंह को कई बार सम्मन और वारंट जारी किए लेकिन वह पेश नहीं हुआ। अंततः 22 जुलाई को कमालगंज पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। बदन सिंह ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए मुकदमे का निस्तारण करने का अनुरोध किया। विशेष लोक अभियोजक ने तर्क दिया कि बदन ने झूठा मुकदमा दर्ज कराकर न्यायालय का बहुमूल्य समय नष्ट किया, इसलिए उसे कठोर दंड दिया जाए। न्यायालय ने बदन सिंह को दोषी करार दिया।