सनसनीखेज वारदात में शनिवार को हुई कोतवाल की हत्या के बाद देर रात हुए पोस्टमार्टम में शव से 12 छर्रे निकले। पोस्टमार्टम डाक्टरों के पैनल ने किया।
शहर कोतवाल राजकुमार सिंह के शव को लोहिया अस्पताल से शनिवार देर रात 2.40 बजे पोस्टमार्टम हाउस फतेहगढ़ ले जाया गया। यहां पर डा. ब्रजेश सिंह, डा. दीपक कटारिया, डा. एसपी सिंह के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम शुरू किया। पोस्टमार्टम के दौरान उनके सीने से 12 छर्रे निकले।
पोस्टमार्टम सुबह 5.30 बजे तक चला। इस दौरान सीओ सिटी वाईपी सिंह समेत आलाअफसर पोस्टमार्टम हाउस में डटे रहे।
उधर, आईजी आशुतोष पांडेय के साथ आलाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। यहां आईजी ने अपर पुलिस अधीक्षक रामभवन चौरसिया की क्लास लगाई। उन्होंने कहा कि पप्पू कोरी पर जब इतने मुकदमे दर्ज थे तो बगैर किसी रणनीति के तहत उसकी गिरफ्तारी के लिए फोर्स क्यों गया।
घटना के बाद मोहल्ला बागलकूला में रविवार को सन्नाटा पसरा रहा। हर कोई अपने घर में दुबका रहा। सीओ अमृतपुर कालूराम दोहरे ने घटनास्थल पर जाकर लोगों से जांच-पड़ताल की। इसके साथ ही मौके पर पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है।
शहर कोतवाली में पुलिस अधीक्षक विजय यादव अफसरों के साथ कई घंटे तक बैठकर घटना के संबंध में वार्ता करते रहे। इस दौरान एएसपी रामभवन चौरसिया, सीओ सिटी वाईपी सिंह, सीओ अमृतपुर कालूराम दोहरे, फतेहगढ़ कोतवाल आरपी यादव भी मौजूद रहे।
बताया गया कि एसपी ने सभी मातहतों को कड़े निर्देश दिए कि साक्ष्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
रविवार दोपहर शहर कोतवाली के एसएसआई हरिश्चंद्र आरोपी पप्पू कोरी को मेडिकल के लिए लोहिया अस्पताल के लिए लेकर निकले लेकिन मेडिकल सिविल अस्पताल लिंजीगंज में कराया।
यहां डाक्टर दीपक कटारिया ने आरोपी का मेडिकल किया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया।
आरोपी पप्पू पर निकले 18 मुकदमे
फर्रुखाबाद। आईजी के हड़काने के बाद हरकत में आई पुलिस ने आरोपी के रिकार्डों का दोबारा से खंगालना शुरू किया। इसमें इसके खिलाफ 18 मुकदमे सामने आए।
आईजी आशुतोष पांडेय को पप्पू कोरी के ऊपर हत्या समेत सात मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी गई थी। आईजी की फटकार के बाद जब कोतवाली पुलिस ने उसका आपराधिक रिकार्ड देखना शुरू किया तो पता चला कि उस पर 18 मुकदमे दर्ज हैं। सबसे पहला मुकदमा वर्ष 1992 में हत्या का दर्ज हुआ।
इसके बाद वर्ष 1994 में डकैती, इसी साल जुआ में गिरफ्तारी और छिनैती की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। वर्ष 1994 व 1996 में जानलेवा हमला व तमंचे में गिरफ्तारी हुई।
वर्ष 2000 में लूट, जानलेवा हमला, तमंचा, एनडीपीएस और चोरी के माल की बरामदगी में गिरफ्तारी हुई थी।
वर्ष 1997 में तमंचा, वर्ष 2004 में गैंगस्टर, वर्ष 2013 में हत्या और इस साल जानलेवा हमले का मामला दर्ज कराया गया था। अब कोतवाल की हत्या का मामला भी जुड़ गया है।
एसएसआई ने लिखाई रिपोर्ट, तीन मामलों में चालान
फर्रुखाबाद। शहर कोतवाल की हत्या के मामले में कोतवाली के एसएसआई ने शातिर के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसकी विवेचना फतेहगढ़ कोतवाल को दी गई है।
उधर, तीन मुकदमों में इसका चालान किया गया। कोर्ट में पेश होने के बाद रिमांड मजिस्ट्रेट ने आरोपी को अभिरक्षा में लेकर जेल भेजा।
मुखबिर की सूचना पर शहर कोतवाल राजकुमार सिंह शातिर अपराधी पप्पू कोरी की गिरफ्तारी के लिए एसएसआई हरिश्चंद्र, जीप चालक मनोज यादव, हमराह अशोक कुमार, विजय शंकर, कादरीगेट के सिपाही तेज सिंह, उवैश और घटियाघाट के सिपाही विजय सिंह के साथ दबिश देने गए थे।
इस दौरान आरोपी ने कोतवाल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। एसएसआई हरिश्चंद्र ने रविवार को शातिर बदमाश पप्पू कोरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 12 बोर तमंचा, खोखा-कारतूस के अलावा चार जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
रविवार को आरोपी का कोतवाल की हत्या, सभासद राकेश गंगवार पर जानलेवा हमला और तमंचा व कारतूस में चालान किया गया। पुलिस की कड़ी सुरक्षा में आरोपी को रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। यहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया।