दिल्ली से कानपुर परचून का सामान ले जाते समय लापता हुए ट्रक चालक के मामले में कायमगंज पुलिस ने चालक के बेटे की तहरीर पर गुमशुदगी को अपहरण के मुकदमे में तरमीम कर लिया है। फिलहाल पुलिस को ठोस सुराग नहीं लगा है। परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं।
दिल्ली की मेहता ट्रांसपोर्ट कंपनी के चालक कानपुर की विश्व बैंक बर्रा कालोनी निवासी रामऔतार यादव एक मार्च की रात हेल्पर के साथ माल लेकर कानपुर के लिए चले थे।
कन्नौज के गुरसहायगंज के पास ट्रक ने यू टर्न लिया। इसके बाद दो मार्च की रात कायमगंज पुलिस को कंपनी के मैनेजर भूपेंद्र सिंह व बेटे अजय ने कोतवाली में सूचना दी।
पुलिस ने बेरी तिराहे के पास माल लदा ट्रक बरामद कर लिया। ट्रक में चालक की सीट के पास खून पड़ा था और जूते चप्पल, कपड़े पड़े थे। पुलिस ने मामले में गुमशुदगी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। हेल्पर से हिसाब को लेकर विवाद होने पर वह एटा में उतर गया था।
पुलिस ने हेल्पर से भी पूछताछ की, लेकिन ठोस जानकारी नहीं मिली। बताया गया कि खुर्जा से दो युवक सवारियों के रूप में बैठे थे, उन्हें भोगांव जाना था। पुलिस उन युवकों की भी तलाश में है। शनिवार को चालक के पुत्र अजय यादव की तहरीर पर गुमशुदगी को अपहरण के मुकदमे में तरमीम कर लिया है।
अजय ने बताया कि हेल्पर उनके मामा का बेटा है। चालक के परिजन कन्नौज से लेकर फर्रुखाबाद तक कई दिन चक्कर काटते रहे, कोई सफलता नहीं मिली तो परेशान होकर फिलहाल घर चले गए हैं।
परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। इंस्पेक्टर विनय राय ने बताया कि अपहरण की धारा में मुकदमा तरमीम कर दिया गया है। कई पहलुओं पर गहनता से जांच की जा रही है।