पत्रकार वार्ता करते भाजपा विधायक सुशील शाक्य व पास में नीले रंग का स्वेटर पहने बैठे भाजपा के पूर्
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फर्रुखाबाद। तालाब की भूमि को अपने नाम कराने के मामले में पत्नी के खिलाफ मुकदमा होने पर भाजपा विधायक सुशील शाक्य ने कहा कि राजनीतिक विरोधियों ने षडयंत्र के तहत फंसाने का प्रयास किया है। इसके पीछे एक सपा नेता का हाथ होने का इशारा किया है।
विधानसभा क्षेत्र अमृतपुर के भाजपा विधायक सुशील शाक्य ने रविवार को आवास विकास कालोनी स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से कहा कि भोपतपट्टी निवासी सुरेश चंद्र के हिस्से की 13 डिसमिल भूमि का पत्नी ऊषा देवी ने वर्ष 2005 में बैनामा कराया था।
यह भूमि चकबंदी विभाग द्वारा सात अप्रैल 2003 में संक्रमणीय भूमिधरी में सुरेश के नाम दर्ज की गई थी। उन्होंने सरकारी अभिलेखों में कोई हेराफेरी नहीं की। प्रशासनिक जांच में एक-दो वर्ष पूर्व यह भूमि तालाब की निकली है।
उन्होंने एक वरिष्ठ सपा नेता की ओर इशारा किया कि राजनीतिक विरोधी ने षडयंत्र के तहत छवि धूमिल करने के लिए पत्नी ऊषा सहित नौ लोगों के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है।
जिसने मुकदमा लिखाया, उसका भूमि से कोई लेनादेना ही नहीं है। विवेचना में स्थिति साफ हो जाएगी। कहा कि षडयंत्रकारियों के खिलाफ वह कानूनी कार्रवाई करेंगे।
एसडीएम की जांच में इस भूमि को तालाब घोषित करने के बाद भी उन्हें नोटिस या किसी माध्यम से जानकारी नहीं दी गई। एसडीएम को उनका पक्ष भी सुनना चाहिए था।
चकबंदी में संक्रमणीय भूमि दर्ज करने के बाद तालाब कहां से आ गया। वे एसडीएम की जांच के विरुद्ध कमिश्नर के न्यायालय में अपील करेंगे। इस दौरान भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष भूदेव सिंह राजपूत मौजूद रहे।