रामप्रकाश को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया था। परिजन सरकारी एंबुलेंस से केजीएमसी लखनऊ लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि वहां उन्हें ठीक से इलाज नहीं मिला।
फर्रुखाबाद सीएचसी से ब्लैक फंगस की आशंका में रेफर किए गए मरीज को केजीएमसी लखनऊ में तीन दिन इमरजेंसी के स्ट्रेचर में ही लिटाए रखा गया। मरीज के परिजनों ने बताया कि कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बावजूद वार्ड में शिफ्ट नहीं किया गया। इलाज के नाम पर बस एक बोतल ही चढ़ाई गई। ब्लैक फंगस की जांच भी नहीं की गई।
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गांव भटपुरा निवासी 61 वर्षीय सेवानिवृत्त दूरसंचार कर्मचारी रामप्रकाश को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से बुधवार दोपहर हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया था। परिजन सरकारी एंबुलेंस से केजीएमसी लखनऊ लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि वहां उन्हें ठीक से इलाज नहीं मिला। इससे परेशान होकर शुक्रवार शाम वे घर वापस लौट आए। उनके पुत्र अवनीश ने बताया कि पिता की हालत में वैसे अब सुधार है। यहां जाने से पहले आवास विकास के एक चिकित्सक से दवा ली थी।