फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिपाही सहित पांच पर रिपोर्ट दर्ज

विज्ञापन
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। महिला की गला काटकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने सिपाही समेत पांच पर रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने आरोपी जेठ व तीन अन्य को हिरासत में ले रखा है।
विज्ञापन

फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव राजा का नगला(रंपुरा) निवासी अंजू यादव की शुक्रवार रात गांव के प्राथमिक स्कूल के पास गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मामले में पति रामपाल यादव ने अपने बड़े भाई राकेश उर्फ दृगपाल, सोनपाल उर्फ रावेंद्र, कानपुर नगर में यूपी 112 में तैनात सिपाही संजय उर्फ बबलू, विक्की, पिंटू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
एसपी अशोक कुमार मीणा व एएसपी अजय प्रताप ने आरोपी जेठ से शुक्रवार देर रात कोतवाली में पूछताछ की। जिसमें राकेश ने चाकू से गला काटने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने रात में ही दबिश देकर दो आरोपियों के तीन परिजनों को भी हिरासत में लिया है। साथ ही राकेश की निशादेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया।
विज्ञापन

फर्रुखाबाद। दो बीघा जमीन हड़पने के लिए अंजू दो साल से उसे मुकदमे व पुलिस को प्रार्थनापत्र देकर परेशान कर रही थी। गांव के पचास लोगों के खिलाफ वह प्रार्थना पत्र दे चुकी थी। सूत्रों के मुताबिक आरोपी जेठ का कहना है कि अंजू व पुलिस के डर से उसने ढाई माह से घर पर खाना नहीं खाया। वह खेत पर सोता था। पुलिस एकतरफा कार्रवाई करती थी।
आरोपी राकेश के मुताबिक वह तीन भाई हैं। उसकी शादी नहीं हुई। भाइयों में खेत का बंटवारा हो चुका है। दो साल से अंजू उसकी दो बीघा जमीन अपने नाम करवाने के लिए दबाव बना रही थी। एक साल पहले मारपीट भी हुई थी। इसके बाद से वह लगातार छेड़छाड़, गाली-गलौज व मारपीट का आरोप लगाकर पुलिस से शिकायत करती रही। यही नहीं उसकी व अन्य आरोपियों की जमानत लेने वालों के खिलाफ भी वह ऐसे ही इल्जाम लगा देती थी। आलम ये था कि उसे देखकर आरोपी भाग जाता था।
सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को वह खेत पर तरबूज खा रहा था। साइकिल से घर जा रही अंजू ने देखते ही गाली गलौज कर दी। इस पर गुस्से में उस पर चाकू से प्रहार कर दिया। अंजू के जमीन पर गिरने पर लगातार वार करता रहा। हत्या करने के बाद कोतवाली में हाजिर होने जा रहा था, तभी पुलिस ने उसको पकड़ लिया।
फर्रुखाबाद। अंजू की हत्या के मामले में सेंट्रल जेल चौकी इंजार्च की भूमिका को लेकर एसपी ने एएसपी को जांच सौंपी है।
अंजू ने एक साल पहले मारपीट का मामला दर्ज कराया था। इसमें दो की जमानत हो गई थी, अन्य को अब तक पुलिस नहीं पकड़ सकी है। जबकि आरोपी गांव में खुलेआम घूम रहे हैं। 27 अप्रैल को कचहरी में अंजू संग हुई मारपीट में रिपोर्ट 11 मई को दर्ज किया गया।
अंजू रोज सेंट्रल जेल चौकी पर जाकर बैठी रहती थी। सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को भी चौकी से ही साइकिल से वापस आ रही थी। तमाम तरह की चर्चाएं चल रही हैं। एसपी अशोक कुमार ने चौकी इंचार्ज जितेंद्र चौधरी की हीलाहवाली को लेकर एएसपी अजय प्रताप को जांच सौंपी है। एसपी ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों व चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार को पुलिस ने अंजू के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। एहतियात के तौर पर पोस्टमार्टम के दौरान महिला व पुरुष सिपाही वहां तैनात रहे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंजू की मौत धारदार हथियार से गर्दन काटे जाने से होने की पुष्टि की गई है। पोस्टमार्टम हाउस पर अंजू के बच्चे युवराज व रिचा रोते बिलखते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें