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फंस गया चना, तेल, नहीं मिलेगा टैबलेट

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योगी, मोदी की फोटो छपे चना व नमक के पैकेट। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। विधानसभा चुुनाव की आचार संहिता शनिवार को लागू हो गई। इससे कार्डधारकों को राशन के साथ मुफ्त मिलने वाला नमक, चना व तेल फंस गया। इसके अलावा छात्रों को मुफ्त मिलने वाला स्मार्ट मोबाइल और टैबलेट भी नहीं मिल पाएगा। इसके साथ ही विकास कार्यों पर भी आचार संहिता का पेच फंस गया है।
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जिले में करीब 800 राशन कोटेदार हैं। इन पर तीन लाख 55 हजार 419 कार्डधारक हैं। सभी कार्डधारकों को प्रति माह दो बार नि:शुल्क राशन दिया जा रहा है। माह के पहले चरण का राशन वितरण शुरू हो चुका है। अभी 50 फीसदी कोटेदारों को ही गोदामों से राशन मिल सका है।
पहले चरण के वितरण में राशन के साथ एक किलो चना, नमक व तेल (रिफाइंड) के पैकेट भी मुफ्त मिल रहे हैं। इन पैकेटों में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चित्र बने हैं। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से योगी व मोदी के फोटो वाले पैकेटों के वितरण पर रोक लगना तय है।
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इससे कार्डधारकों को इस बार मिलने वाले राशन में नमक, चना व तेल पर आचार संहिता का रोड़ा लग गया है। डीएसओ जीवेेश कुमार मौर्य ने बताया कि शासन से आदेश आने के बाद नमक, चना व तेल के वितरण पर विचार किया जाएगा। फिलहाल वितरण जारी रहेगा।
इसके अलावा मुख्यमंत्री द्वारा छात्र-छात्राओं को स्मार्ट फोन व टैबलेट वितरण शुरू किया गया था। इसके लिए जिले में 34 हजार 352 छात्रों की सूची शासन को भेजी गई। इनमें कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में 200 छात्र-छात्राओं को मोबाइल व टैबलेट वितरित किए, जबकि जिले के शेष 34152 छात्रों का मोबाइल व टैबलेट आचार संहिता के पेंच में फंस गया है। एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति ने बताया कि जिले में अभी तक मोबाइल व टैबलेट प्राप्त नहीं हुए हैं। वितरण के संबंध में अभी कुछ कहना मुश्किल है।
करोड़ों के विकास कार्यों पर भी लगा ब्रेक
शासन से त्वरित विकास योजना के तहत जिले के चारों विधायकों के क्षेत्र में विकास कार्य कराने के लिए तीन-तीन करोड़ रुपये मिले थे। इस धनराशि से गांवों में सड़कों का निर्माण होना था। पता चला है कि करीब 20 लाख रुपये कीमत के ही कार्य शुरू हो सके। इससे शेष धनराशि से बनने वाली सड़कें अब आचार संहिता के पेच में फंस गई हैं। इसके अलावा मनरेगा योजना के तहत कोई भी नया काम नहीं हो सकेगा। इससे जिले में जनपद में जर्जर घोषित पंचायतघरों का निर्माण भी लटक गया है।
विधायकों के हैंडपंप भी फंसे
जिले के चारों विधायक अपनी-अपनी निधि विकास कार्यों पर खर्च कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि स्वीकृत कार्यों का निर्माण भी शुरू हो चुका है। अभी कुछ हैंडपंप लगना शेष हैं। अमृतपुर विधायक की निधि से 37, भोजपुर के 18 व सदर विधायक की निधि से 150 हैंडपंप स्वीकृत हैं। इसमें सदर विधायक के अभी तक करीब 60 हैंडपंप लगने शेष हैं। इससे यह हैंडपंप आचार संहिता में फंस गए हैं। डीआरडीए के परियोजना निदेशक राजमणि वर्मा ने बताया कि जो निर्माण कार्य पहले से शुरू हैं, वह पूूर्ण कराए जाएंगे। मनरेगा हो या विधायक निधि, इनसे कोई भी कार्ययोजना बनाकर नया काम नहीं कराया जा सकेगा।
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