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दिल्ली के लिए एक और ट्रेन दे देते ‘प्रभु’

Fri, 26 Feb 2016 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद
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रेल बजट पर आम नागरिकों ने मिली जुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जहां महिलाएं रेल आरक्षण में कोटा बढ़ने से खुश हैं। वहीं बजट में फर्रुखाबाद को कोई नई ट्रेन न मिलने से व्यापारी वर्ग और आम लोगों की एक वर्ष से लगी आस टूट गई है। रेल बजट पर आम नागरिकों व व्यापारियों से बातचीत पर आधारित अमर उजाला की रिपोर्टः-
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फर्रुखाबाद को बहुत कुछ मिला-सांसद
रेल बजट में फर्रुखाबाद को बहुत कुछ मिला है। यह दावा सांसद मुकेश राजपूत ने अमर उजाला से फोन पर हुई बातचीत में किया। उन्होंने कहा कि फर्रुखाबाद को 300 किलोमीटर कानपुर वाया फर्रुखाबाद मथुरा और फर्रुखाबाद-शिकोहाबाद 72 किलोमीटर बिजली से चलने वाली ट्रेनों की स्वीकृति मिली है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी बात तो यह है कि अलीगढ़ को कासगंज से जोड़ने की मांग उन्होंने उठाई थी। उस पर भी विचार किया गया है। यदि यह ट्रेन उन्हें मिल जाती है तो दिल्ली से फर्रुखाबाद की यात्रा में मात्र छह घंटे का समय लगेगा। इसके अलावा अन्य रेल सुविधाएं भी फर्रुखाबाद को मिली हैं। कहा कि कुछ ट्रेनों में चार और बोगियां जोड़कर चलाई जाएंगी।

एक ट्रेन तो बढ़ती
रेलवे रोड पर घड़ी दुकानदार राशिद अली कहते हैं कि रेल बजट से उम्मीद थी कि फर्रुखाबाद को दिल्ली के लिए नई ट्रेन मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दिल्ली के लिए एकमात्र कालिंदी एक्सप्रेस होने के चलते व्यापारियों को दिक्कत होती है। कम से कम दिल्ली के लिए तो एक ट्रेन बढ़नी ही चाहिए थी।
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जनप्रतिनिधियों ने नहीं दिया ध्यान
स्थानीय सांसद को चाहिए था कि रेल मंत्री सुरेश प्रभु से फर्रुखाबाद के लिए कुछ नहीं ट्रेनों की मांग करते। पिछले रेल बजट में भी फर्रुखाबाद को नई ट्रेन की कोई सौगात नहीं मिली थी। इस रेल बजट से लोगों को उम्मीद थी लेकिन इसमें भी रेल मंत्री ने फर्रुखाबाद के लोगों को झुनझुना ही थमाया।

दिल्ली के लिए तो ट्रेन मिलती
रेलवे रोड पर स्थित आरके फुट वियर के स्वामी राजेश गुप्ता कहते हैं कि अधिकतर कारोबार दिल्ली से जुड़ा है। उम्मीद थी कि इस बार दिल्ली के लिए ट्रेन मिल सकती है लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके साथ ही फर्रुखाबाद-शाहजहांपुर रेलवे ट्रैक निर्माण की भी मंजूरी नहीं दी गई।

फर्रुखाबाद को कुछ नहीं मिला
रेल बजट में जिले के लोगों को कुछ भी नहीं मिला है। नई ट्रेनों की उम्मीद लोग काफी दिनों से लगाए हुए हैं लेकिन कोई भी ट्रेन नहीं बढ़ाई गई है। हालांकि मालभाड़े में बढ़ोत्तरी न करके व्यापारी वर्ग को राहत दी गई है। बुजुर्गों और महिलाओं पर भी प्रभु की कृपा हुई है।

फर्रुखाबाद-शाहजहांपुर ट्रैक के निर्माण की थी आस
राजीव गांधी नगर मोहल्ले के रहने वाले पंकज यादव कहते हैं कि फर्रुखाबाद-शाहजहांपुर रेलवे ट्रैक के निर्माण की लोग आस लगाए बैठे थे। लेकिन रेल बजट में इस ट्रैक के निर्माण को मंजूरी नहीं दी गई। इसके साथ ही रेल मंत्री ने फर्रुखाबाद को कोई नई ट्रेन भी नहीं दी।

रेलवे स्टेशन पर भी मिलेगा आराम
मोहल्ला हांता सफ्दर खां निवासी सुधीर अवस्थी कहते हैं कि रेल बजट में विश्राम गृह की आनलाइन सुविधा मिलना अच्छी बात है। इससे रेलवे स्टेशन पर यात्री अगर फंसता है तो उसे भटकना नहीं पड़ेगा। रेलवे स्टेशन पर ही वह आनलाइन विश्राम गृह को बुक कराकर आराम कर सकता है। रेल मंत्री ने विश्राम गृह की आनलाइन सुविधा देकर अच्छा काम किया है।

महिलाओं की सुरक्षा का रखा ध्यान
मोहल्ला नाला स्मित सुमाल निवासी कंप्यूटर स्टूडेंट सोनी पांडेय पत्नी आदर्श पांडेय कहती हैं कि महिलाओं को हर कैटेगरी में 30 प्रतिशत सीटें बढ़ने से लाभ मिलेगा। रेल बजट में महिलाओं की सुरक्षा का भी खास ध्यान रखा गया है। महिलाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी होने से उन्हें ट्रेन में यात्रा करते हुए अब अराजकतत्वों का डर नहीं रहेगा।

बोगी के बीच में रिजर्वेशन मिलना सुविधाजनक
कंप्यूटर टीचर मिताली शुक्ला निवासी बजरिया निहालचंद्र कहती हैं कि रेल बजट में महिलाओं को बोगी के बीच में रिजर्वेशन देने की सुविधा की गई है। इससे महिलाओं को काफी राहत मिलेगी। इसके साथ ही ट्रेनोें में मोेबाइल चार्जिंग प्वाइंट होने से भी लोगों को सुविधा होगी। शिकायत के लिए हेल्पलाइन सुविधा का भी महिलाओं को काफी लाभ मिलेगा।

यात्रा में मिलेगी सुविधा
गढ़ी कोहना की रहने वालीं गृहणी रंजना पांडेय पत्नी सुनील पांडेय का कहना है कि महिलाओं को रेलवे की सीटों में 33 फीसदी आरक्षण दिया जाना रेल मंत्री का सराहनीय कदम है। इस फैसले से महिलाओं को यात्रा करने में काफी सुविधा मिलेगी। स्टेशन पर बच्चों के लिए दूध और दूध की बॉटल देना अच्छा प्रयास है।

जिलेवासियों को फिर निराशा हाथ लगी
नेहरू रोड पर स्थित साड़ी स्टोर के स्वामी निमिष टंडन कहते हैं कि रेल बजट में फर्रुखाबाद का कोई ध्यान नहीं रखा गया। पिछले रेल बजट से नाउम्मीद हुए जिले के लोगों को आस थी कि कम से कम इस बार तो रेल मंत्री प्रभु की कृपा जिलेवासियों के लिए होगी लेकिन इस बार भी जिले के लोगों को कुछ नहीं मिला।

मध्यम व निम्न वर्ग के हित में बजट
फर्रुखाबाद। वनाकस के उपाध्यक्ष दिवाकरनंद दुबे ने कहा कि रेल मंत्री ने सराहनीय बजट प्रस्तुत किया है। बस बजट का क्रियान्वयन समय से हो। ताकि अच्छे वादे हवा हवाई न हो जाएं। इस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। बुजुर्ग रेल यात्रियों का काफी ख्याल रखा गया है। हर ट्रेन में 120 बुजुर्गों के लिए लोअर बर्थ आरक्षित कर बुजुर्गों को तरजीह दी गई है। बजट मध्यम और निम्न वर्ग के हित में कहा जा सकता है।

यात्री हितैषी है रेल बजट- अर्थशास्त्री डा. सिद्दीकी
अर्थशास्त्री डा. एमएस सिद्दीकी ने रेल बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि रेल मंत्री ने बजट प्रस्तावों द्वारा जहां रेलवे की सेहत सुधारने की चेष्टा की है। यह स्वागत योग्य है। क्योंकि देश की बहुसंख्यक जनता ट्रेनों से ही सफर करती है। वह भी अनारक्षित साधारण दर्जे में। बढ़ती लागत और घटती कमाई रेलवे की मुख्य समस्या है। लेकिन इसके बावजूद रेलमंत्री ने यात्री किराए व मालभाड़े में वृद्धि के बजाए गैर-परंपरागत उपायों द्वारा संसाधन जुटाने की कोशिश की है। रेलवे संरक्षा को बेहतर बनाने, विद्युतीकरण, डबल डेकर ट्रेन, रेल लाइन दोहरीकरण और यार्ड आधुनीकरण को बजट प्रस्तावों में प्राथमिकता दी है। डा. सिद्दीकी कहते हैं कि रेल राष्ट्र की जीवन रेखा है। ऐसे में इसे सामाजिक रूप से प्रासंगिक व वाणिज्यिक रूप से सक्षम बनाना नितांत जरूरी है।
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