जहरखुरानी की लगातार घटनाएं बढ़ रही हैं। पिछले एक महीने में 14 लोग जहरखुरानी का शिकार हुए। जिसमें सबसे ज्यादा रोडवेज बस और फिर ट्रेन में जहरखुरानों ने यात्रियों को अपना शिकार बनाया है। इसकी रोकथाम के लिए न तो रोडवेज विभाग और न ही पुलिस ठोस कदम उठा पा रही है।
जहरखुरानी गिरोह त्योहार आते ही ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। उनके गिरोह में महिलाएं और युवतियां भी शामिल रहती हैं। गिरोह के सदस्य बसों और ट्रेनों में यात्री के आसपास बैठ जाते हैं। सबसे ज्यादा गिरोह दिल्ली से आने वाली बसों में सवार होते हैं। बस में यात्री के पास बैठ जाने के बाद जहरखुरानी गिरोह के सदस्य उनसे बातचीत कर दोस्ती गांठ लेते हैं।
इसके बाद यात्री को चाय, बिस्किट और पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर खिला देते हैं। खाद्य सामग्री खाने के कुछ समय बाद ही यात्री बेहोश हो जाता है, जिसके बाद यात्री को लूटकर फरार हो जाते हैं।अधिकांश यात्रियों को जहरखुरानी के सदस्य शिकोहाबाद के आसपास ही शिकार बनाते हैं।
बेहोश यात्री को अस्पताल में भर्ती कराने के बजाय बस के चालक और परिचालक यात्री को रास्ते में उतार कर चले जाते हैं। रोडवेज के एआरएम संजीव यादव ने बताया कि उन्होंने बस के परिचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वह बस ले जाने से पहले सभी यात्रियों को सावधान करें कि वह लोग किसी की दी हुई खाद्य सामग्री न खाएं।
बस अड्डे पर एनाउंसमेंट कर यात्रियों को सावधान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चालकों को यह भी कहा गया कि अगर कोई यात्री शिकार हो जाता है तो वह उस यात्री को रास्ते में न डाल कर अस्पताल में भर्ती कराएं।
सीओ सिटी योगेश कुमार ने बताया कि जहरखुरानी की घटनाओं को रोकने के लिए जल्द ही चेंकिग अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मऊदरवाजा पुलिस ने सात चोरों को पकड़ा था। इनमें कुछ बसों में जहरखुरानी करते थे। बसों में सभी के पास टिकट होता है। इसलिए पता नहीं चल पता है कि कौन गैंग का सदस्य है।