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दो वक्त की रोटी मिलने की बंधी उम्मीद

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विनय कुमार। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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नौ महीने बाद शुरू हुईं दो दैनिक ट्रेनें, लोगों में खुशी
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पहले दिन कानपुर की ओर गए 119 यात्री, रेलवे को 10 हजार की आय
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। नौ महीने बाद पहले दिन बुधवार को कानपुर के लिए दैनिक ट्रेन पहुंचने पर यात्री खुश नजर आए। तमाम कारोबारी और नौकरपेशा लोगों ने राहत की सांस ली। उनकी लेटलतीफी भी खत्म हो गई और यात्रा भी सुगम हुई है। दो ट्रेनों के चलने से लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।
कासगंज की ओर से सुबह 10.55 बजे पहली ट्रेन कानपुर रवाना हुई। इस ट्रेन से स्थानीय स्टेशन से कुल 69 यात्री रवाना हुए। इनसे 5400 रुपये की आमदनी हुई। शाम 3.10 बजे दूसरी ट्रेन कासगंज की ओर से प्लेटफार्म पांच पर पहुंची। इस ट्रेन पर 50 यात्रियों ने रिजर्वेशन कराकर यात्रा की। इससे 4970 रुपये की आमदनी हुई। पहले दिन दोनों ही ट्रेनों में खास भीड़ नहीं दिखी। कानपुर से कासगंज जाने वाली ट्रेन शाम 6.45 बजे पहुंची। इससे यात्रियों ने राहत की सांस ली।
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बजरिया के विनय कुमार कन्नौज में निजी काम करते हैं। बोले, अभी तक बस में धक्के खाना मजबूरी था। समय भी बर्बाद होता था। अब समय से आना-जाना हो जाएगा।
नितगंजा के गौरव दीक्षित कन्नौज में बिजली विभाग में कार्यरत हैं। बोले, यहां से सुबह कालिंदी से चले जाते, मगर वापसी में मुसीबत में फंस जाते थे। अब ट्रेन चली, तो सब कुछ सही हो गया।
कटरा नुनहाई के संजीव अवस्थी बोले, वह ट्रैक्टर का व्यवसाय करते हैं। कानपुर तक जाना पड़ता है। बस से जाने में लेटलटीफी और अधिक किराये से छुटकारा मिल जाएगा।
ढिलावल के फरजान खान कानपुर में काम करते हैं। शाम को ट्रेन से पहुंचे। बोले, काफी आराम रहा। बसों से यात्रा करना किसी मुसीबत से कम नहीं है। अब खुश हैं।
एक काउंटर पर नहीं हो पाता रिजर्वेशन
इस वक्त जो भी ट्रेनें आ रही हैं, वह सभी रिजर्वेशन वाली ही हैं। कई बार यात्रियों की संख्या ज्यादा होती है। लंबी लाइनों में लगे लोग ट्रेन आने तक नंबर का इंतजार ही करते रहते हैं। रिजर्वेशन काउंटर पर क्लर्क सौ-सौ फार्म भरकर रिजर्वेशन करने को मजबूर हैं। रिजर्वेशन न हो पाने से यात्री वापस जाने को मजबूर होते हैं।
वर्जन
‘रिजर्वेशन के दो काउंटर हैं। फिलहाल एक ही खुलता है। अधिकारियों को दोनों काउंटर खोलने को लिख दिया गया है। जो निर्देश मिलेंगे, उसका पालन किया जाएगा।’
-सीपी पटेल, वाणिज्य अधीक्षक, रेलवे स्टेशन, फर्रुखाबाद
दो वक्त की रोटी मिलने की बंधी उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। लॉकडाउन में बंद हुई दो दैनिक ट्रेनें नौ माह बुधवार से शुरू हो गईं। इससे स्टेशन पर वेंडरों को दो वक्त की रोटी मिलने की उम्मीद बंध गई है। 22 मार्च से ट्रेन बंद होने के बाद घरों में आई आर्थिक तंगी को तमाम परिवारों ने काफी नजदीक से सहा। दो ट्राली पर चार वेंडर काम कर रहे हैं। अभी तक एक और दो नंबर प्लेटफार्म के काउंटर खुल रहे थे। अब पांच नंबर प्लेटफार्म के भी काउंटर खुलने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इससे अधिकांश वेंडर खुश हैं।
रेलवे स्टेशन पर ट्राली के वेंडर दीपू शुक्ला बोले, कुछ न पूछो अभी तक का वक्त कैसे गुजारा है। पूरा परिवार आर्थिक तंगी से जूझता रहा। अब दो दैनिक ट्रेनें शुरू हुईं, तो कुछ उम्मीद बंधी है। अभी तक तो कालिंदी के वक्त ही ट्राली लाते थे। और ट्रेनें भी चलनी चाहिए।
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वेंडर ऋषभ शुक्ला बोले, अचानक ट्रेनें बंद होने के बाद काफी दिक्कतें आईं। पापा ने जैसे-तैसे परिवार चलाया। तक लेना पड़ गया। जल्दी ट्रेनें चलें, तो हम सब फिर काम में जुट जाएंगे और नौ माह में हुए घाटे को अब पूरा करेंगे। अभी कोई खास फायदा नहीं होता दिख रहा।

गौरव दीक्षित। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

ंजीव अवस्थी। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

फरजान खां। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

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