नीबकरोरी मंदिर से लौटते समय अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्राली नगला बहादुर
क्रासिंग के पास पलट गई। इस दुर्घटना में महिलाओं व बच्चों समेत 20 लोग
घायल हो गए। दो बच्चों को डा. राममनोहर लोहिया अस्पताल के लिए रिफर कर दिया
गया।
जिला मैनपुरी के गांव नगला भगता निवासी लालू के पुत्र शनि का
अन्नप्राशन कार्यक्रम नीबकरोरी मंदिर में शुक्रवार को
था। इसमें शामिल होने
के लिए थाना जहानगंज क्षेत्र के गांव राजेपुर टप्पा मंडल में रहने वाले
लालू के रिश्तेदार भी ट्रैक्टर-ट्राली से नीबकरोरी मंदिर थे। ट्रैक्टर अनिल
कुमार दिवाकर चला रहा था। कार्यक्रम से निपटने के बाद लालू के रिश्तेदार
ट्रैक्टर ट्राली से ही वापस जा रहे थे। नगला बहादुर क्रासिंग के मोड़ से
गुजरते समय अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर-ट्राली पलट
गई। आसपास के लोग मौके पर
पहुंचे। इन्हाेंने ट्राली के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला। इस दुर्घटना
में महिलाओं और बच्चों समेत 20 लोग घायल हो गए। चालक बाल-बाल बच गया। घटना
की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने 108 एंबुलेंस से घायलों
को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। हालत गंभीर होने पर सनोज और शिवा
को लोहिया अस्पताल रिफर कर दिया गया।
ये लोग हुए घायल
रामश्री
पत्नी श्यामनाथ, बिटोली देवी पत्नी मुकेश, सोनकली पत्नी वेदराम, सुशीला
पत्नी बाबूराम, सरोजनी पत्नी रामविलास, प्रांशु (5), अंशू (7), खुशबू (13),
नीलू (2), रूबी (14), आकांक्षा (12), प्रीती (13), रूचि (9), पायल (4),
निशांत (5), सुंदरी (12), शोभा (15), सनोज (9), शिवा (5) और राहुल (20)
निवासी राजेपुर टप्पा मंडल थाना जहानगंज।
दीवार गिरने से चार लोग घायल
आंधी और बरसात के दौरान अलग-अलग स्थानों पर कच्ची दीवार गिरने से महिल
समेत चार लोग घायल हो गए। थाना जहानगंज के गांव दानमंडी निवासी कमलादेवी
पत्नी नेकराम गुरुवार की रात छप्पर के नीचे सो रही थी। रात को तेज आंधी और
बरसात से छप्पर दीवार समेत उसके ऊपर गिर पड़ा। इससे वह घायल हो गई। परिजनों
ने महिला को मलबे से
बाहर निकाला। कमलादेवी को लोहिया अस्पताल में भर्ती
कराया गया। एक अन्य मामले में फतेहगढ़ कोतवाली के गांव याकूतगंज निवासी
मुर्सलीम छत पर लेटा था। आंधी आने पर वह नीचे उतर रहा था। उसी समय जीने से
गिर कर घायल हो गया। उसे भी लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।
नवाबगंज
प्रतिनिधि के अनुसार गांव कलौली निवासी जबर सिंह बीती रात अपने बेटे अंकित
और सुमन कुमार के साथ घर में दीवार के किनारे सो रहे थे। पास में ही जबर
सिंह की मां विद्या देवी भी चारपाई पर लेटी थीं। देर रात आई भीषण आंधी
के
दौरान दीवार गिर पड़ी। दीवार के मलबे में जबर सिंह आदि दब गए। ग्रामीणों ने
मलबे में दबे जबर सिंह आदि को बाहर निकाला। घायलों को नर्सिंग होम में
भर्ती कराया गया। शुक्रवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय लेखपाल
जबर सिंह के घर गए और मौका मुआयना कर लौट गए।