अर्धनग्न होकर राज्यपाल के सामने विरोध करने निकले सर्वोदयी नेता लक्ष्मण
सिंह व उनके अनशनकारी साथियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। फतेहगढ़
पुलिस ने लक्ष्मण को गाड़ी में बैठा कर पुलिस लाइन ले गई। बाकी अनशनकारियों
को याकूतगंज चौकी में ले जाया गया। हालत बिगड़ने पर लक्ष्मण सिंह को
लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सर्वोदयी नेता लक्ष्मण सिंह
समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट में आमरण अनशन कर रहे हैं। ये खिनमिनी व भिड़ौर
ग्राम सभाओं में समस्याओं का निस्तारण व बिजली शवदाह गृह की मांग कर रहे
हैं। अनशन के 12 वें दिन सुबह पुलिस ने इन्हें अनशन स्थल से हटा दिया और
बैनर उतरवा दिए। इस पर लक्ष्मण समर्थकों के साथ गांधी के बंदरों की तर्ज पर
राज्यपाल के सामने
अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने के लिए आवास विकास मैदान
की तरफ निकले। इन्होंने सफेद पट्टी आंखों, कान व मुंह पर बांध रखी थी।
इसकी भनक पर कोतवाल कुंअर बहादुर सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ इन्हें रोक
लिया। लक्ष्मण सिंह की पुलिस से नोकझोंक हुई। पुलिस ने पकड़ना चाहा तो ये
जमीन पर लेट गए। पुलिस ने इनके हाथ पैर पकड़ कर समर्थकों के साथ गाड़ी में
डाल लिया। पुलिस लक्ष्मण को पुलिस लाइन, विक्रांत, सतीश व रेखा देवी को
याकूतंगज चौकी ले गई।
पुलिस ने कलेक्ट्रेट में बैठे अनशनकारी
राजाराम, शिशुपाल, धनपाल, बाबूराम, सुनीता को टेंपो से उनके घरों को भेज
दिया गया। राज्यपाल के लौटने के बाद पुलिस ने लक्ष्मण को कलेक्ट्रेट परिसर
में छोड़ दिया। यहां अनशन स्थल सूना देख लक्ष्मण सिंह पुलिस से भिड़ गए।
इस बीच लक्ष्मण सिंह की तबियत खराब हो गई। कोतवाल ने लक्ष्मण सिंह,
विक्रांत, सतीश को
लोहिया अस्पताल में भर्ती करा दिया। लक्ष्मण सिंह ने
बताया कि तबीयत के सही हो जाने के बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी। इसके साथ
ही डीएम के तबादले की भी मांग की जाएगी।