बिजली विभाग की बार-बार कनेक्टिविटी गायब होने की गाज रिलायंस टावरों पर
गिरना तय है। विभाग के साथ अनुबंध तोड़ने के बाद शहरी क्षेत्र में लगे
रिलायंस टावरों की बकाएदारी में कनेक्शन काटने के एक्सईएन शहरी ने अवर
अभियंताओं को निर्देश दिए हैं। किस टावर पर कितना बिजली बिल बकाया है। इसकी
सूची तैयार हो रही है।
बिजली विभाग शहरी खंड में ऑन लाइन काम होता
है। उपभोक्ताओं के बिल भी ऑन लाइन जमा होते हैं। बिल जमा किए जाने के लिए
डिवीजन कार्यालय भोलेपुर में तीन काउंटर बने हैं। एक काउंटर चौक पर खुला
है। विभाग का कनेक्टिविटी के लिए रिलायंस कंपनी से अनुबंध था। हर माह
कनेक्टिविटी फेल होने से विभाग को राजस्व वसूली और विभागीय कार्य पूरा करने
में दिक्कत होती है। एक अप्रैल से डिवीजन कार्यालय में सिर्फ बिल जमा होने
वाले काउंटरों तक कनेक्टिविटी आ रही
है। इस कारण विभागीय कार्य ठप
है। कनेक्टिविटी के लिए विभागीय अफसरों ने कई बार रिलायंस कंपनी के जिला
प्रभारी से लेकर उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा लेकिन सुधार नहीं हुआ। उधर,
समय पर टावरों के बिल का भुगतान नहीं होता। इस कारण बकाएदारी बढ़ने से एक
टावर पर लगभग 40 से एक लाख रुपये तक बकाया है। शहरी क्षेत्र में रिलायंस के
लगभग 18 टावर हैं। इन पर लगभग लाखों रुपये बिजली का बकाया है। डिवीजन
कार्यालय की कनेक्टिविटी फेल होने और
समय से बिजली का बिल भुगतान न
करने पर विभागीय अधिकारियों ने टावरों के कनेक्शन कटवाने का निर्णय लिया
है। साथ ही विभाग ने कंपनी से अपना करार भी तोड़ दिया है। एक्सईएन शहरी
सुरेश कुमार ने बताया कि किस टावर पर कितना बिल बकाया है। इसकी सूची तैयार
हो रही है। बकाएदारी के आधार पर टावरों के कनेक्शन काटे जाएंगे।
कनेक्टिविटी के लिए एअरटेल कंपनी से अनुबंध हुआ है। अभी एअरटेल की सुविधा
शुरू नहीं हुई है।