नवदिया स्थित महात्मा रामचंद्र की समाधि पर माथा ठेकते भक्त।
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महात्मा रामचंद्र की समाधि पर टेका मत्था, हुआ भंडारा
फर्रुखाबाद। महात्मा रामचंद्र महाराज के वार्षिक जलसे में पूरे देश से आए श्रद्धालुओं ने उनकी समाधि पर सजदा कर आंतरिक अभ्यास व शांतिपाठ में भाग लिया। कोरोना के कारण इस बार सामूहिक प्रार्थना का कार्यक्रम नहीं किया गया। श्रद्धालुओं ने समाधि पर मत्था टेका व भंडारे में भाग लिया।
सूफी संत महात्मा रामचंद्र महाराज उर्फ लालाजी की नवदिया स्थित समाधि पर शुक्रवार को वार्षिक जलसे का शुभारंभ हुुआ। पूरे देश से आए उनके श्रद्धालुओं ने समाधि पर मत्था टेका। आंतरिक अभ्यास व शांतिपाठ के जरिये खुद को लालाजी से जोड़ने की कोशिश की। सजदा करने वाले श्रद्धालुओं में महात्मा रामचंद्र महाराज के प्रति अपार श्रद्धा भाव देखने को मिला।
उनका कहना था कि पकड़ ली मैंने जब जाली तुम्हारे आस्ताने की, मुझे फिर क्या जरूरत है कहीं पर आने जाने की। जलसे में शिरकत करने आए लोगों ने महात्मा रामचंद्र की पौत्रवधू माधुरी सक्सेना से आशीर्वाद लिया। समाधि परिसर में महात्मा रामचंद्र से जुड़ी पुस्तकों व चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई।
लोगों ने प्रदर्शनी का घूमकर अवलोकन किया और किताबें व चित्र खरीदे। सामूहिक भंडारे में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। महात्मा रामचंद्र के शिष्य श्याम बिहारी की समाधि भी पास में बनी हुई है। श्रद्धालुओं ने वहां भी जाकर माथा टेका और शांतिपाठ किया। कार्यक्रम में पूर्व जिला जज अलका श्रीवास्तव, प्रपौत्र विनय सक्सेना, समीर सक्सेना, रेनू, मनोज, रमन सक्सेना आदि लोग मौजूद रहे।