फर्रुखाबाद। एक निजी अस्पताल में सात माह के मासूम के इलाज में 24 घंटे में 25 हजार रुपये ले लिए। सांसें थमने पर उसे बाहर निकालकर कहीं और दिखाने की बात कही। अस्पताल कर्मियों ने परिजनों से अभद्रता की। लोहिया अस्पताल में मृत घोषित करने पर दादी और मां बिलखने लगी।
कमालगंज थाने के गांव शेखपुर सराय निवासी राहुल शुक्ला की सात माह की बेटी अनन्या दो-तीन से बुखार, उल्टी व दस्त से पीड़ित थी। शुक्रवार को मां मीना, चाचा गोविंद और दादी कुसुम ने उसे आवास विकास कालोनी स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल प्रशासन ने शनिवार शाम चार बजे तक परिजनों से इलाज के नाम पर 25 हजार रुपये ले लिए। जब उसकी सांसें थमने लगीं, तो बाहर ले जाने की बात कह दी। परिजनों ने पहले न बताने की बात कही, तो उनके साथ अभद्रता की गई। परेशान होकर परिजन लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टर ने मासूम को मृत घोषित कर दिया। परिजन बिलखते रहे। चाचा गोविंद ने बताया कि उनके साथ निजी अस्पताल में अभद्रता की गई। रुपये जमा कराने के तुरंत बाद बच्ची को बाहर ले जाने की बात कह दी। परेशान होकर परिजन शव घर लेकर चले गए।