मोहम्मदाबाद। दिल्ली में गोली लगने से घायल कुलदीप वर्मा की शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। यह खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। बड़े भाई की हत्या होने से नाराज छोटे भाइयों ने गांव के आरोपी के पिता और भाई को बंधक बनाकर पिटाई कर दी। जानकारी मिलने पर मौके पर पुलिस पहुंची और बंधक बने पिता-पुत्र को छुड़ाया। पीड़ित परिवार के कहने पर पुलिस ने आरोपी के घर की तलाशी ली। जिसमें असलहे बरामद हुए है। पुलिस पिता-पुत्र को पकड़ कर कोतवाली ले आई।
खिमसेपुर निवासी कुलदीप कुमार वर्मा चार भाइयों में सबसे बड़ा था। कुलदीप के माता पिता का देहांत हो चुका है। कुलदीप पत्नी और बच्चों के साथ दिल्ली के साउथ गुंजन विहार गिटरौनी कालोनी में रहकर वेल्डिंग का काम करता था। वह अपने गांव के ही पड़ोसी नरेश शर्मा के पुत्र टिल्लू शर्मा व ललित शर्मा को भी ले गया था। तीनों साथ में ही काम करते थे।
कुलदीप को शुक्रवार की शाम दिल्ली में गोली मार दी गई। इलाज के दौरान शनिवार को दिल्ली में ही उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी खिमसेपुर गांव में छोटे भाई अजीत, संजीत व मोहित को मिली। उन्हाेंने पड़ोसी नरेश कुमार शर्मा के पुत्र ललित पर उधारी के रुपयों के विवाद में कुलदीप को गोली मारने का आरोप लगाया । बड़े भाई की हत्या से नाराज छोटे भाई आरोपी पड़ोसी ललित शर्मा के घर पहुंचे ।
ललित के पिता नरेश शर्मा को बाहर बुलाया। हत्या के आरोप में नरेश शर्मा व मृतक के भाइयों में विवाद हो गया। मृतक के तीनों भाइयों ने नरेश वर्मा व पुत्र रमन को पकड़ कर बंधक बना लिया। घटना की जानकारी मिलने पर मदनपुर चौकी प्रभारी शीलेश गौतम, सिपाही रघुपाल सिंह, रामपाल यादव के साथ गांव पहुंचे और दोनों को मुक्त कराया। कुलदीप के भाई अजीत कुमार ने आरोप लगाते हुए बताया कि नरेश के पुत्र ने दिल्ली में मेरे भाई को गोली मार दी थी।
इसका उलाहना देने गया तो नरेश शर्मा ने तमंचा निकाल लिया। दरोगा ने नरेश वर्मा के घर की तलाशी ली तो पुलिस को एक तमंचा और दो अद्धी बरामद हुई। हथियार के साथ पुलिस पिता पुत्र को कोतवाली ले आई। गांव वालों को कहना है कि पुलिस ने नरेश वर्मा के घर से तीन नहीं चार हथियार बरामद किए हैं। दरोगा शीलेश गौतम ने बताया कि कुलदीप वर्मा की हत्या होने की जानकारी मिली है। इस हत्या को अंजाम देने का आरोप नरेश शर्मा के पुत्र पर लगाया गया है। जिसको लेकर विवाद हुआ था। आरोपी के पिता और एक भाई को पकड़ा है। घटना की जानकारी की जा ही है। शाम तक कुलदीप का शव गांव नहीं पहुंचा था।