अमृतपुर। बाघ को पकड़ने के लिए डेरा डाले तीन विशेषज्ञ टीमों की रणनीति कारगर साबित नहीं हो पा रही है। बाघ उदयपुर, कंचनपुर से निकलकर इटावा-बरेली हाईवे के नजदीक पहुंच गया है। डीएफओ के अनुसार, हाईवे के पास पंजे के निशान मिले हैं। पास में हरदोई व शाहजहांपुर की सीमा होने के कारण वहां के डीएफओ को सतर्क किया गया है।
अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांव उदयपुर कंचनपुर के आसपास बाघ का पिछले एक पखवारे से बाघ का आतंक है। उसे पकड़ने के लिए तीन विशेषज्ञ टीमें डेरा डाले हैं पर बाघ टीमों की गिरफ्त में नहीं आ पा रहा है।
गुरुवार को डॉ. आरके सिंह, डॉ. सर्वेश राय व दयाशंकर टीमों के साथ कॉबिंग कर रहे थे, जिस गांव से सूचना मिली, वहां टीमें पहुंचीं। लेकिन कहीं कोई सबूत नहीं मिला। गांव हमीरपुर सोमवंशी में बदायूं मार्ग पर बने नासा नाला पुल के पास पंजे के निशान मिले हैं।
उन्हीं को देखते हुए टीमें आगे बढ़ीं तो इटावा-बरेली हाईवे के नजदीक नासा नाला पुल नीचे तालाब के पास तक खेतों में पंजों के निशान मिले हैं। पास में जनपद हरदोई व शाहजहांपुर की सीमा होने से बाघ के वहां भी पहुंचने की आशंका है।
बाघ को पकड़ने के लिए दुधवा नेशनल पार्क से लाया गया स्पेशल ट्रैक्टर भी काम नहीं आ रहा है। नाइट विजन कैमरों की संख्या बढ़ाकर 42 कर दी गई है। इसके बाद भी इन कैमरा में तस्वीरें कैद नहीं हो रही हैं।
खेतों में गन्ना अधिक होने से बाघ टीमों के जाल में नहीं फंस रहा है। दो दिन से बाघ की गतिविधि भी नहीं दिखाई दे रही थी। बुधवार की शाम को हमीरपुर सोमवंशी गांव के पास बाघ ने कई सियारों का शिकार किया था।
डॉ. आरके सिंह ने बताया कि किसी भी नाइट विजन कैमरे में कोई तस्वीर नहीं आई है। बदायूं मार्ग व इटावा-बरेली हाईवे पर गांधी गांव के पास पंजों निशान पाए गए हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा गया है।
‘दो दिन से गांव उदयपुर कंचनपुर में बाघ की कोई गतिविधि नहीं दिखाई दी थी। इटावा-बरेली हाईवे पास गांव गांधी के पास पंजे के निशान मिले हैं। यहां से कुछ दूरी पर जनपद शाहजहांपुर व हरदोई की सीमा है। इससे बाघ जनपद शाहजहांपुर व हरदोई की ओर भी जा सकता है, इसलिए दोनों जिलों के डीएफओ को सूचना दे दी गई है।’ - पीके उपाध्याय, डीएफओ फर्रुखाबाद