खोया मंडी में छापेमारी करने पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट व खाद्य विभाग की टीम
ने मिलावट के शक में करीब ढाई क्विंटल खोया नष्ट करवाया। साथ ही आठ
व्यापारियों का शांतिभंग में चालान कर दिया। इस दौरान कोतवाली में खोया
व्यापारी और व्यापारी नेता आपस में ही भिड़ गए। हालांकि बीच बचाव के बाद
मामला शांत हुआ।
चौक स्थित खोया मंडी में मंगलवार सुबह नंदी सेना
प्रमुख विक्रांत अवस्थी खोया खरीदने गए थे। वहां सिंथेटिक खोया बिकता देख
उन्होंने डीएम एनकेएस चौहान को सूचना दी। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट पुष्पेंद्र
जैन, मुख्य खाद्य निरीक्षक अनिल शंखवार, खाद्य निरीक्षक रमेश सिंह, जेएस
वर्मा खोया बाजार पहुंचे। कोतवाल आरपी यादव भी पहुंच गए। खाद्य विभाग और
पुलिस की टीम यहां से मोहल्ला दिल्ली ख्यालीकूंचा निवासी दुकानदार श्याम
मनोहर मिश्रा, इनके बेटे सोनू, राजेपुर के विरसिंग निवासी
अरविंद, जिला
शाहजहांपुर थाना मिर्जापुर के गांव बहेरिया निवासी अनिल कुमार, मोहल्ला
कूंचा भवानीदास निवासी सुशील दुबेे, मोहल्ला बजरिया निवासी सर्वेश
त्रिवेदी, कस्बा मिर्जापुर निवासी संतोष कुमार को हिरासत में लेकर कोतवाली
ले आ गई। पुलिस ने श्याम टंडन की दुकान से देशी घी का पीपा भी कब्जे में
लेकर कोतवाली भेज दिया। दुकानदार और खोया
व्यापारियों के पकड़े जाने की
जानकारी पर कई व्यापारी नेता भी कोतवाली जा पहुंचे। यहां व्यापारी नेताओं
ने अपील की कि खोया का सेंपल लेने के बाद दुकानदारों को छोड़ दिया जाए। इस
पर टीम ने श्याम टंडन के घी, संतोष, सर्वेश, अरविंद और अनिल के खोया का
सेंपल भरा। सेंपल लेने के बाद मिलावट के शक में पकड़ा गया करीब ढाई क्विंटल
खोया फेंकवा दिया गया।
आपस में भी भिड़े व्यापारी
कोतवाली में
पहुंचे व्यापारी आपस में ही भिड़ गए। दरअसल हुआ यह कि खोया व्यापारियों के
पकड़ कर कोतवाली ले जाने की सूचना पर वहां कुछ व्यापारी नेता भी पहुंच गए।
इस दौरान एक व्यापारी नेता ने टिप्पणी की कि आखिर मिलावटी खोया बेचते ही
क्यों हो। यह सुन खोया व्यापारी ने आव देखा न ताव उसने हाथ में खोया उठाया
और व्यापारी नेता के मुंह में भर दिया। कहा कि लो चख कर देख लो कि खोया
असली है या मिलावटी। इस बात को लेकर व्यापारी नेता और व्यापारियों में तकझक
होने लगी। बाद में पुलिस ने सभी को शांत कराया।