फर्रुखाबाद। गेहूं की खंदाई कराने के बहाने एक युवक का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी।
17 वर्ष पुराने इस मामले में सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट तरुण कुमार ने दोषी दो भाइयों आदिल और आसिफ सहित राजमियां को उम्र कैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर 2.55 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने दो को बरी कर दिया।
थाना कंपिल क्षेत्र के गांव भोगपुर अतग्गापुर निवासी गंगा सिंह ने पुत्र का अपहरण कर गोली मारकर हत्या करने के मामले में छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि उसके पुत्र जितेंद्र कुमार ने कुछ समय पूर्व चीनू उर्फ राजमियां निवासी डाक बंगला कायमगंज की जमानत कराने में सहयोग किया था। इस दौरान बेटे ने उसकी आर्थिक मदद भी की थी। बाद में जितेंद्र ने चीनू से अपना पैसा वापस मांगा, इससे दोनों के बीच विवाद हो गया।
इसी रंजिश के चलते पांच मई 2008 को दोपहर करीब दो बजे चीनू उसके पुत्र जितेंद्र को गेहूं की खंदाई के बहाने घर से बुला ले गया। वहां पर चीनू, छोटू, आदिल, आसिफ और बदर निवासीगण नूरपुर गढ़िया, थाना कंपिल व टीपू निवासी डाक बंगला कायमगंज ने मिलकर पार्टी की। इसी दौरान सभी ने मिलकर जितेंद्र को गोली मार दी।
आदिल ने अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली से शव को ठिकाने लगा दिया। पुलिस ने पांच के खिलाफ अपहरण कर हत्या करने व सबूत मिटाने के मामले में रिपोर्ट दर्ज की। विवेचक ने विवेचना पूरी कर राजमियां, छोटू, आदिल, आसिफ व बदर के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट तरुण कुमार सिंह ने गवाह व सबूतों को मद्देनजर रखते हुए राजमियां के अलावा आदिल व आसिफ पुत्र छोटे खां (दोनों सगे भाई) को अपहरण, हत्या, सबूत मिटाने के मामले में दोषी ठहराया। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।