फर्रुखाबाद। पुत्री से प्रेम विवाह करने वाले युवक की हत्या के मामले में अपर जनपद न्यायाधीश तृतीय शैलेंद्र सचान ने गुरुवार को माता-पिता सहित तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर 1.80 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
कोतवाली फतेहगढ़ के गांव सरह निवासी कन्हैयालाल अवस्थी के मझले बेटे अंकित अवस्थी ने गांव भगुआ नगला निवासी धर्मेंद्र चौहान की पुत्री से प्रेम विवाह कर लिया था। दूसरी जाति के युवक से पुत्री के शादी करने से परिजन नाराज थे। अंकित नोएडा में रहकर काम करता था। वह छह नवंबर 2021 को भाईदूज पर गांव आया। सात नवंबर को नोएडा जाते समय पत्नी के परिजन के बुलाने पर वह भगुआ नगला पहुंचा जहां युवती के पिता ने अंकित के सिर पर प्रहार कर बेहोश कर दिया। सरिया और हंसिया से वार कर उसकी हत्या कर दी।
पत्नी उमा चौहान, नाबालिग पुत्र और साथी सच्चिदानंद उर्फ मनोज के साथ धर्मेंद्र ने शव को पास के मकान में जमीन खोद कर दबा दिया था। पिता कन्हैयालाल अवस्थी ने जानकारी की तो पता चला कि अंकित धर्मेंद्र के घर गया था। कन्हैयालाल ने खोजबीन के दौरान धर्मेंद्र के घर के पास बने मकान में झांककर देखा तो वहां काफी दूर तक ताजी मिट्टी पड़ी दिखाई दी। कन्हैयालाल ने मामले की तहरीर थाने में दी। पुलिस ने मकान में खोदाई कराकर अंकित का शव बरामद किया था। मामले में धर्मेंद्र चौहान, उसकी पत्नी उमा चौहान और नाबालिग पुत्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। विवेचक के दाैरान धर्मेंद्र के दोस्त सच्चिदानंद उर्फ मनोज के भी घटना में शामिल होने की बात सामने आने पर उसका नाम भी मुकदमे में शामिल किया गया था।
पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था जहां नाबालिग की फाइल अलग कर दी गई। एडीजे तृतीय व विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र शैलेंद्र सचान ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर युवती के पिता, मां और उनके दोस्त को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
मां-बाप को सजा दिलाने में युवती की गवाही रही अहम
कोर्ट में मां-बाप और उसके दोस्त को सजा दिलाने में युवती की गवाही अहम रही। युवती ने अपनी गवाही में कहा कि उसकी नोएडा में रहने के दौरान अंकित से मुलाकात हुई थी। शादी से नाराज पिता धर्मेंद्र चौहान, मां उमा चौहान नाराज थे। पिता नोएडा से वापस फर्रुखाबाद लौट आए और पांचाल घाट पर मकान बनाकर रहने लगे। चार वर्ष पूर्व छह नवंबर 2021 को भाई दूज पर पति अंकित के साथ आई थी। परिजन के कहने पर वह मायके चली गई जबकि पति अपने गांव सरह चले गए। दूसरे दिन सामान ज्यादा होने की बात कह पिता ने अंकित को फोन कर घर बुलाया था। जब वह कमरे में चाय पी रहा था तभी पिता धर्मेंद्र चौहान ने उसके सिर पर बेल्चे से वार कर बेहोश कर दिया था। बाद में फोन कर अपने साथी को बुलाया। अंकित को जीने से घसीटकर छत पर ले गए। वह पति को बचाने दौड़ी तो उसे कमरे में बंद कर दिया गया। हंसिया और सरिया आदि से पिटाई कर अंतिक को छत से पड़ोस के मकान में फेंक दिया। मौत के बाद उसे जमीन में दबा दिया गया। पुलिस ने उसके बयान के आधार पर अंकित के शव को बरामद कर हत्या में प्रयुक्त सरिया, बेल्चा व हंसिया बरामद किया था।