फर्रुखाबाद/शमसाबाद। सदर तहसील में दिलीप की मड़ैया के बाद अब गांव दौली की मड़ैया का भी नामोनिशान खत्म हो गया। अंतिम तीन मकान मंगलवार देर रात गंगा में समा गए। एक महीने पहले जिस स्थान पर हंसी-ठिठोली की गूंज रहती थी, वहां अब अथाह जल में उठती लहरें बेचैन कर रही हैं। शमसाबाद के कटरी तौफीक में कटान जारी है। तीन और ग्रामीणों ने अपने मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया है।
दिलीप की मड़ैया गांव के सभी मकान करीब 15 दिन पहले गंगा में समा गए थे। इसके बाद गंगा की तेज धार पूरब की ओर 200 मीटर दूर बसे दौली की मड़ैया से टकरानी शुरू हो गई थी। कटान इतनी तेजी से बढ़ा कि चंद दिनों में एक के बाद एक मकान गिरते चले गए। गांव में रामसरन, उनके पुत्र अवधेश और मनोज के मकान मंगलवार देर शाम गंगा में पूरी तरह समा गए।
बुधवार दोपहर में अहाते की एक मात्र बची दीवार भी गिर गई। इसी के साथ गांव का अब नामोनिशान खत्म हो गया। गांव के ही राम सीनियर ने बताया कि उनके दो जानवर सड़क किनारे बंधे रह गए थे। जलस्तर बढ़ने से दिक्कत होने पर उन्हें भी नाव के सहारे बाढ़ के पानी से बमुश्किल शहर किनारे ले आए हैं। अब गांव में कोई भी नहीं बचा है।
कायमगंज तहसील के शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव कटरी तौफीक में बुधवार को गंगा का पानी मकानों की दीवारों के पास पहुंच गया। गांव के गंगा सिंह, बृजमोहन और छविराम ने मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया। कई साल पहले गंगा के कटान से कटरी तौफीक चार हिस्सों में बंटकर छोटे-छोटे गांवों में तब्दील हो गया था। यहां करीब 50 परिवार रहते थे। कई ग्रामीण अपने मकान तोड़ चुके हैं, जबकि कई मकान गंगा में समा गए।
अब गांव में विद्यालय और करीब पांच मकान ही बचे हैं। धर्मपाल, बृजमोहन, गंगा सिंह, जोतराम और अनिल कुमार ने बताया कि कटान इतनी तेजी से चलता रहा तो बृहस्पतिवार तक संविलियन विद्यालय चपेट में आ सकता है। लेखपाल अजीत मिश्रा ने बताया कि गांव में अब चंद परिवार बचे हैं।
फोटो-13 शमसाबाद-शाहजहांपुर मुख्य मार्ग पर भरे पानी में चौरा गांव पास से निकली मोटरबोट। स्रोत: पाठक
दोपहिया वाहनों का आवागमन रोका
शमसाबाद। शाहजहांपुर मार्ग पर चौरा गांव के सामने बाढ़ का पानी दो फीट से अधिक बह रहा है। पुलिस ने सतर्कता के चलते दोपहिया वाहनों व पैदल निकलने वालों के आवागमन पर रोक लगा दी है। उनके लिए प्रशासन ने दो मोटरबोट लगवाए हैं। इसके बाद भी कुछ दोपहिया वाहन चालक व पैदल लोग बाढ़ के पानी से गुजर रहे हैं। लेखपाल पंकज सिंह ने बताया कि दो मोटरबोट से लोगों को निशुल्क निकाला जाएगा। चौरा चौराहे के पास से भगवानपुर जाने वाला मार्ग भी बाढ़ के पानी के तेज बहाव से इस्लामनगर गांव से पहले कट गया है। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में दिक्कतें खड़ी हो गईं। करीब 20 गांवों का संपर्क टूट गया। बाढ़ का पानी अधिक होने से पैदल और वाहनों से निकलना मुश्किल है। प्रशासन ने यहां भी दो मोटरबोट की व्यवस्था की है। (संवाद)