फर्रुखाबाद। इटावा-बरेली हाईवे मौत का हाईवे बनता जा रहा है। अलग-अलग स्थानों पर हुई मार्ग दुर्घटनाओं में तीन कांवड़ियों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। पोस्टमार्टम हाउस में परिजन रोते-बिलखते दिखे। हादसों के शिकार हुए कांवड़िये हेलमेट नहीं लगाए थे।
जिला मैनपुरी थाना भोगांव क्षेत्र के गांव मक्खनपुर निवासी सोनू उर्फ शानू (27) रविवार को अपने दोस्त मनु व बसंतू के साथ बाइक से कांवड़ लेकर पांचाल घाट गंगाजल भरने आ रहे थे। रात करीब 11:05 बजे मोहम्मदाबाद के पास पीछे से आ रहे ट्रैक्टर ने बाइक में टक्कर मार दी, जिससे तीनों दोस्त गिरकर घायल हो गए। बाइक चालक मनु के हेलमेट लगाए होने से उसके सिर में ज्यादा चोट नहीं आई जबकि सोनू उर्फ शानू गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए। चिकित्सक ने सोनू को मृत घोषित कर दिया। मनु ने घटना की जानकारी सोनू के परिजनों को दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने से अधिक खून बहने से मौत होने की पुष्टि हुई। मृतक की भाभी श्रृंगारवती ने बताया कि सोनू के साथ उसकी बहन शीला की शादी करीब चार साल पहले हुई थी। मृतक के दो बच्चे किट्टू व किशन हैं।
उधर, जिला मैनपुरी के मोहल्ला वाल्मिकी पुलिया निवासी विजय गुप्ता (38) अपने साथी शिवम शर्मा के साथ बाइक से गंगाजल लेने पांचाल घाट जा रहे थे। दोनों लोग हेलमेट नहीं पहने थे। इटावा-बरेली हाईवे पर कुरैली गांव के मोड़ पर सामने से आ रही बाइक से विजय गुप्ता की बाइक टकरा गई। मौके पर ही विजय की मौत हो गई। घायल शिवम शर्मा को सीएचसी मोहम्मदाबाद में भर्ती कराया गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
वहीं हरदोई जिले के बेहटा गोकुल थाने के गांव उमरौली निवासी रामनरेश तिवारी का पुत्र आयुष तिवारी (17) पड़ोस के ही दोस्त अंकित गुप्ता (18) के साथ बाइक से रविवार रात पांचाल घाट जल भरने आया था। दोनों लोग हेलमेट नहीं लगाए थे। देर रात बाइक जब बरेली-इटावा राष्ट्रीय राजमार्ग पर डबरी गांव के पास पहुंची तो पीछे से आई तेज रफ्तार स्लीपर बस ने टक्कर मार दी। बाइक चालक अंकित और पीछे बैठा आयुष गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को लोहिया अस्पताल लाया गया। यहां आयुष को मृत घोषित कर दिया, जबकि अंकित को रेफर कर दिया गया। परिजन उसे लखनऊ लेकर चले गए। सूचना पर पहुंचे सवायजपुर में राजस्व निरीक्षक के पद पर तैनात ताऊ संजय तिवारी ने बताया कि आयुष कक्षा 12 का छात्र था। घर में मां रेनू तिवारी और दो शादीशुदा बहनें हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इकलौता सपना था आयुष
मार्ग दुर्घटना में जान गंवाने वाला आयुष अपनी मां रेनू और पिता रामनरेश का इकलौता बेटा था। उससे दो बड़ी बहनें हैं। माता-पिता उनकी शादी कर चुके थे। काफी मनौती के बाद आयुष ने जन्म लिया था। माता-पिता के जीवन का वह इकलौता सपना था। ताऊ बताते हैं कि हम परिजनों को क्या पता था कि जयकारे लगाकर घर से निकला आयुष दोबारा नहीं मिलेगा।
चार घंटे में पांच किमी दूर लोहिया पहुंचे ताऊ
ताऊ बताते हैं कि उन्हें दुर्घटना की सूचना 11 बजे के करीब मिल गई थी। वह तुरंत ही चल दिए। पांचाल घाट पुल पर जाम में रात 12.30 बजे फंस गए। दो बजे तक नहीं निकल सके, तो वापस लौटकर राजेपुर, अमृतपुर, जरियनपुर, शमसाबाद होकर चार घंटे में लोहिया अस्पताल पहुंच सके।