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Farrukhabad News: समैचीपुर चितार में गंगा में समाए तीन पक्के मकान

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फर्रुखाबाद/शमसाबाद। सदर तहसील में गंगा के कटान ने इस साल दिलीप की मड़ैया का अस्तित्व खत्म कर दिया। अब दौली की मड़ैया में बचे चंद घरों की ओर धारा बढ़ रही है। कायमगंज तहसील के समैचीपुर चितार में तीन पक्के मकान गंगा में समा गए। ग्रामीणों में दहशत बढ़ने से पलायन तेज हो गया है।
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कायमगंज तहसील के शमसाबाद क्षेत्र के गांव समैचीपुर चितार में गंगा का कटान तेज हो गया है। इससे ग्रामीणों की रात जाग कर कट रही है। बृहस्पतिवार देर शाम गांव के हुसैन मोहम्मद, अलाउद्दीन और शहनवाज के पक्के मकान गंगा की धार में बह गए। अब तक गांव के पांच लोगों के मकान गंगा में कट चुके हैं।
लगातार बढ़ते जलस्तर और कटान तेज होने से दहशत के चलते ग्रामीण मकानों को खाली कर सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुटे हैं। ग्राम प्रधान ताराबानो ने बताया कि कई दिनों से गांव में लगातार कटान हो रहा है। लोग सुरक्षित स्थान की तलाश में हैं। कटरी तौफीक में अब गंगा खेतों को तेजी से काट रही हैं।
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सदर तहसील की दिलीप की मड़ैया गांव जिस स्थान पर बसा था, वहां अब अथाह जल बह रहा है। गंगा की धार इस गांव को काटने के बाद पूर्व की ओर करीब 100 मीटर दूर बसे दौली की मड़ैया से टकरा रही है। अभी तक पांच-छह मकान कट चुके हैं। अब गांव में लालाराम और उनके पुत्र सुनील, संजीव और सरवन के मकानों की ओर कटान बढ़ रहा है। गंगा की धार की दूरी इन मकानों से बमुश्किल 10 मीटर ही बची है। सरवन राजपूत ने बताया कि कटान यदि इसी तरह होता रहा तो शनिवार शाम तक मकानों का बचना काफी मुश्किल है।
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