फर्रुखाबाद। पुलिस ऑफिस फतेहगढ़ के वरिष्ठ लेखाकार (उप निरीक्षक लेखा) को घूस लेते बीते दिन विजिलेंस टीम ने पकड़ा था। घटना के दूसरे दिन शनिवार को पुलिस ऑफिस फतेहगढ़ में संचालित कार्यालयों में सन्नाटा छाया रहा।
आलम यह था कि कोई भी कर्मचारी सहयोगी पुलिसकर्मी का मोबाइल नंबर तक बताने को तैयार नहीं था। शुक्रवार को पुलिस ऑफिस के वरिष्ठ लेखाकार हरेंद्र चौहान को हेड कांस्टेबल आदित्य कुमार वर्मा की शिकायत पर विजिलेंस टीम ने पकड़ा था।
शनिवार सुबह प्रधान लिपिक कार्यालय, लेखाकार कार्यालय, विशेष जांच प्रकोष्ठ आदि कार्यालयों में तैनात पुलिस कर्मचारी खामोशी से अपनी-अपनी कुर्सियों पर बैठकर काम करते दिखाई दिए। कोई व्यक्ति किसी काम के लिए आया तो दफ्तर आने का कारण पूछा। उसने जो काम बताया वह किया।
कर्मचारी ज्यादा देर बाहरी लोगों से बात भी नहीं कर रहे थे। प्रधान लिपिक कार्यालय के कर्मचारियों से अगर कोई उनके सहयोगी का मोबाइल नंबर मांग रहा था तो वह भी उसे नहीं बताया जा रहा था। लेखा कार्यालय के जिस कक्ष से वरिष्ठ लेखाकार को पकड़ा गया, वहां तीन कर्मचारी अपनी कुर्सियों पर कामकाज निपटा रहे थे। कक्ष में सन्नाटा छाया था।
बातचीत के दौरान तीनोें कर्मचारी चुप्पी साधे रहे। पास में ही स्थित कक्ष में सीओ मोहम्मदाबाद अजय वर्मा कंप्यूटर पर कामकाज निपटा रहे थे। बीते दिन की घटना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि विजिलेंस टीम ने कार्रवाई की है। वहीं कुछ पुलिसकर्मी वरिष्ठ लेखाकार तो कुछ हेड कांस्टेबल आदित्य कुमार वर्मा के पक्ष में बातचीत कर रहे थे।