गांव अद्दूपुर के पास गुरुवार रात फिर नहर कट गई। इससे पांच गांवों के कई किसानों की करीब दो हजार बीघा खेतों की फसल जलमग्न हो गई। इससे फसलों में नुकसान होना तय है। सूचना पर नहर बंद करने पहुंचे कर्मचारियों से किसानों की तीखी नोकझोंक हुई। जेसीबी की मदद से दोपहर तक कर्मचारी नहर बंद कर सके। उधर सादिकपुर के पास भी नहर कटने से सौ बीघा फसल डूब गई।
गांव अद्दूपुर के पास बुधवार रात को नहर कट गई। इससे फसलें जलमग्न हो गई थीं। सूचना पर पहुंचे नहर विभाग के कर्मचारियों ने मिट्टी डालकर नहर बंद करा दी थी। गुरुवार देर रात फिर उसी स्थान पर नहर कट गई।
पानी का बहाव तेज होने से क्षेत्र के गांव अद्दूपुर, संतकुइयां, कुइयां खेड़ा, मिलकिया, करनपुर गंगतारा के किसानों की करीब दो हजार बीघा खेतों में खड़ी सरसों, आलू, गेहूं, मटर व मसूर आदि की फसलें जलमग्न हो गईं। सुबह किसान जब खेतों की ओर गए तो उन्हें जानकारी हुई।
इस पर उन्होंने नहर विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। नहर विभाग के कर्मचारी ट्रैक्टर-ट्राली व जेसीबी से कटी हुई नहर बंद करने में जुट गए। इस बीच वहां किसान एकत्र हो गए। उन्होंने कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। इस पर कर्मचारियों ने कहा कि अवैध कुलाबा बनाने से नहर कटी है।
इससे किसानों व कर्मचारियों में नोकझोंक होने लगी। किसानों ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की लापरवाही से उनकी फसलें खराब हुई हैं। वहीं कर्मचारियों ने कहा कि खेतों में पानी नहीं पहुंचा है। नहर का पानी पास में स्थित तालाब में भर गया है।
काफी मशक्कत के बाद दोपहर को कर्मचारियों ने नहर को जेसीबी व ट्रैक्टर-ट्राली से मिट्टी डालकर बंद कर दिया। तब किसानों ने राहत की सांस ली। उधर गांव सादिकपुर के पास ही नहर कट गई थी। उससे करीब सौ बीघा खेतों की फसलें पानी में डूब गईं। उसे भी कर्मचारियों ने बंद कराया।
साढ़े तीन किलोमीटर नहीं हुई नहर की सफाई
गांव अद्दूपुर से एक किलोमीटर पहले (कायमगंज की ओर) से गांव सादिकपुर तक इस बार नहर की सफाई नहीं हुई। इससे बार-बार नहर कटने से किसानों की फसलें तबाह हो रही हैं। किसानों ने यह आरोप भी लगाते हुए कहा कि यदि सफाई हुई होती तो नहर नहीं कटती।
अवैध कुलाबा बनाने वाले पर होगी कार्रवाई
नहर विभाग के अवर अभियंता अरुण यादव ने बताया कि अद्दूपुर गांव के पास जिस स्थान पर नहर कटी है वहां पर किसी किसान ने अवैध कुलाबा बना लिया था। इससे बार-बार वहां नहर कट रही है। जिस किसान ने अवैध कुलाबा बनाया है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उनके कार्य क्षेत्र में 17 किलोमीटर नहर आती है। इसमें 14 किलोमीटर नहर सफाई के लिए धन मिला था। तीन किलोमीटर नहर की सफाई पिछले वर्ष हुई थी। इससे उस हिस्से की इस बार सफाई नहीं कराई गई है।