अलाहदपुर भटौली में कटान को देखतीं महिलाएं।
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नदियों के पानी से तराई क्षेत्रों में बसे गांवों में फिर से आफत आ गई है। दोनों नदियों ने दोबारा से उफान भरना शुरू कर दिया है। गंगा और रामगंगा के जलस्तर में 10-10 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुुई है। इस कारण गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु (136.50) से पांच सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। इससे कई गांवों में तेजी से पानी भरना शुरू हो गया है। एसडीएम ने लेखपाल को ग्रामीणों से मकान खाली कराने के निर्देश दिए हैं।
तीन चार दिन से गंगा का जलस्तर 136.55 मीटर पर स्थित था। इस कारण गांवों में भरा पानी धीरे धीरे कम होने लगा था। लगातार पानी छोड़े जाने के कारण सोमवार को गंगा का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़ गया। इस कारण जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.60 से ऊपर 136.65 मीटर पर पहुंच गया है। इससे जिन गांवों से पानी निकलना शुरू हुआ था। उन गांवों में दोबारा से पानी तेजी से भरना शुरू हो गया है।
इससे आफत फिर से लौट आई है। सोमवार को गंगा में नरौरा से 135839 क्यूसेक, हरिद्वार से 57995 और विजनौर से 103725 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा के साथ रामगंगा ने भी उफान भरना शुरू कर दिया है। तीन-चार दिन से रामगंगा का जलस्तर 135.85 मीटर पर स्थित रहा। रविवार को पांच सेंटीमीटर की बढ़ोत्तर होने के कारण जलस्तर 135.90 मीटर पर पहुंच गया था। सोमवार को जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई।
इस कारण जलस्तर 136.00 मीटर पर पहुंच गया है। खो हरेली बैराजनगर से रामगंगा में 8319 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।