एक युवक ने श्मशान घाट स्थित काली मंदिर में मूर्ति के सामने खुद को गोली मारकर जान दे दी। बुधवार की शाम से लापता युवक को तलाशने निकले लोगों को गुरुवार की सुबह मंदिर में उसकी खून से लथपथ शव मिला। मंदिर के बंद दरवाजों को पुलिस ने सरिया से तोड़कर खोला। देवी मूर्ति के सामने से तमंचा और कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
नगर के मोहल्ला कूंचा गंगा दरवाजा निवासी महेश गुप्ता का 30 वर्षीय इकलौता पुत्र सुशील उर्फ पिंटू बुधवार शाम 6 बजे अपनी मिठाई की दुकान बंद कर पड़ोसी को चाबी देकर चला गया था। देर शाम तक घर नहीं पहुंचा तो पिता ने दुकान पर जाकर पता किया।
इस पर पड़ोसी ने उन्हें चाबी दी। बताया कि पिंटू उसे चाबी देकर चला गया है। देर रात तक पिंटू के न लौटने पर सुबह परिजनों ने तलाश शुरू की। तड़के परिजनों ने मोहल्ले के सुरेश मिश्रा से हनुमान गढ़ी जाकर तलाशने को कहा था, क्योंकि पिंटू रोज ही श्मशान घाट कुंडा स्थित काली और भैरव के मंदिर में पूजा किया करता था।
सुरेश मिश्रा वहां पहुंचे तो मंदिर की सीढ़ियों पर जूते देखे। उन्होंने मंदिर में झांक कर देखा तो वहां पिंटू का शव पड़ा था। दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण उन्होंने तुरंत मोहल्ले वालों को सूचना दी। शव के पास तमंचा पड़ा था। सिर से खून निकलता देख उन्होंने तुरंत कस्बा चौकी इंचार्ज एमके त्रिपाठी को बताया।
इस पर पुलिस भी वहां पहुंच गई। दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस ने दरवाजे की पत्ती तोड़कर कुंडी खोली। पिंटू की दाईं कनपटी में गोली लगी थी। उसके पास ही 315 बोर के तीन कारतूस भी पड़े थे। एक खोखा तमंचे में फंसा था।
बताते हैं कि कुछ दिन पहले ही पिंटू ने किसी से 10 कारतूस खरीदे थे। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से शरीर को त्यागने की बातें किया करता था। मृतक के पिता महेश ने बताया कि पिंटू मानसिक बीमार था। उसका इलाज चल रहा था।
वह रोज इसी मंदिर में पूजा करने आया करता था। उसकी इसी पूजा पाठ के चलते उसकी पहली पत्नी छोड़कर चली गई थी। डेढ़ साल पहले ही उसका दूसरा विवाह फिरोजाबाद निवासी रंजना के साथ हुआ था। उसकी छह माह की बेटी भी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।