मामले की जानकारी देते डीसीपी बल्लभगढ़ भूपेंद्र जैन।
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दिल्ली पुलिस के दरोगा ने स्थानीय पुलिस की सहायता लड़की को ढूंढ निकाला। वह दिल्ली से आई थी। थाना क्षेत्र के गांव सिया निवासी रामनिवास का कहना है कि उनका बेटा विराज दिल्ली में एक प्राइवेट फैक्ट्री में काम करता है। एक पखवारा पहले बेटे का दोस्त एक लड़की लेकर घर आया।
दो दिन रहने के बाद वह दिल्ली चला गया। लड़की को घर पर ही छोड़ गया। लड़की उसके पास जाने की जिद करती थी। ग्रामीणों ने दिल्ली से लाई गई लड़की के गांव में रुकने की जानकारी थाना पुुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जानकारी दिल्ली पुलिस को दी।
शुक्रवार को दिल्ली से आए दरोगा रवींद्र सिंह ने गांव पहुंच कर युवती को हिरासत में ले लिया और थाने ले आई। सूत्रों की माने तो युवती के दोस्त के पास जाने की जिद करने पर विराज और युवती में विवाद भी हुआ था। इससे विराज ने आग भी लगा ली थी। इससे उसके परिजनों ने विराज को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था। थानाध्यक्ष सुनील यादव ने बताया कि दिल्ली में युवती के गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज था। इस पर दिल्ली पुलिस युवती को अपने साथ ले गई।
कमालगंज। दिल्ली से बहलाफुसला कर लाई युवती को दोस्त के पास छोड़ जाने की कहानी पुलिस के गले नही उतर रही है। आखिर युवक साथ आई युवती को दोस्त सिया गांव निवासी विराज के घर क्यों छोड़ गया ? और फिर वापस क्यों नही आया ?
यह सब बातें अनसुलझे राज हैं। चर्चा है कि कही मामला युवती के बिक्री का तो नहीं है। इन बिंदुओं पर कोई भी अधिकारी कुछ भी बताने से कतरा रहे हैं। एसओ सुनील यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया बिक्री का कोई मामला सामने नहीं आया। इसकी विवेचना दिल्ली पुलिस के पास है। युवती ने बेंचे जाने जैसी कोई जानकारी नहीं दी है। इसलिए अभी कुछ भी कह पाना संभव नही है।