महात्मा रामचंद्र की समाधि पर प्रवचन करते अनुयायी।
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फतेहगढ़ के मोहल्ला नवदिया स्थित महात्मा रामचंद्र समाधि पर शनिवार को श्रद्धा की बयार बही। लालाजी को याद कर अनुयायियों ने उनके बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया।
सूफी संत महात्मा रामचंद्र उर्फ लालाजी की समाधि पर तीन दिवसीय 91वें वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन देश के विभिन्न हिस्सों से अनुयायियों के आने का क्रम जारी है।
दूरदराज से आए अनुयायियों ने महात्मा जी की समाधि पर ध्यान लगाया। शनिवार को सुबह ध्यान व प्रवचन के साथ कार्यक्रम का आगाज हुआ। अनुयायियों ने लालाजी की समाधि पर मत्था टेककर दुआ मांगी। लखनऊ से आए संत विनय कुमार ने लोगों से महात्मा जी के बताए गए रास्ते पर चलने का आह्वान किया।
कानपुर के प्रभाष सक्सेना ने महात्मा रामचंद्र के चरित्र और कृतित्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के बाद समाधि पर भंडारे का आयोजन किया गया। माधुरी देवी ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान ध्यान, प्रवचन और भंडारे का आयोजन अनवरत चलता रहेगा।