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अचानक मौसम के तेवर बदलने से आलू किसानों की चिंता बढ़ी

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खेत में लहलहा रही आलू की फसल। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। घना कोहरा छाने के साथ शुक्रवार को मौसम ने पलटा मारा है। पूरे दिन धूप के दर्शन नहीं हुए। घने कोहरे ने वाहनों की रफ्तार थाम दी। वहीं आलू किसानों की भी चिंता बढ़ा दी हैं। यदि दो-चार दिन मौसम इसी तरह रहा तो आलू के साथ सब्जी व अन्य फसलों में भी नुकसान होने की आशंका है।
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इन दिनों मौसम सामान्य होने से किसान खुश थे। गुरुवार रात से अचानक मौसम ने करवट बदल दी। सुबह घना कोहरा होने से वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। करीब नौ बजे तक सड़क पर वाहन रेंगते नजर आए।
सीजन के पहले दिन घना कोहरा गिरने से वाहन चालकों को खासी दिक्कत हुई। दिन भर धूप के दर्शन नहीं हुए। तीन डिग्री सेल्सियस तापमान गिरने के साथ सर्दी भी बढ़ी। इससे लोग गर्म कपड़ों से लदे नजर आए।
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उधर गर्म कपड़ों के चेहरों पर व्यापार बढ़ने की आस ने रौनक बढ़ा दी। अभी तक सर्दी न पड़ने से गर्म कपड़ों का व्यापार ठंडा चल रहा है। सुबह-शाम तो ठंड हो रही लेकिन दोपहर की तेज धूप लोगों को गर्म कपड़े उतारने को मजबूर कर देती है।
दूसरा पहलू ये भी कि कोहरा व धुंध के चलते आलू की फसल में झुलसा रोग लगने की आशंका बढ़ जाती है। इसके साथ ही फूल वाली फसलों को भी यह मौसम प्रभावित करता है।
इससे कोहरे व धुंध ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। हालांकि अभी पहला दिन होने से फसल को खास फर्क नहीं पड़ेगा।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 14 डिग्री रहा। वहीं शनिवार को मौसम और बिगड़ने की आशंका के साथ अधिकतम तापमान दो डिग्री, जबकि न्यूनतम एक डिग्री गिरने का अनुमान है। इससे आलू की फसल में नुकसान की आशंका बन रही है।
जिला कृषि अधिकारी डा.राकेश कुमार सिंह ने बताया कि एक-दो दिन मौसम खराब रहने से फसलों में कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। यदि तीन-चार दिन मौसम साफ नहीं होता है तो आलू में झुलसा रोग लगने की आशंका के साथ सरसों, मटर व सब्जी की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। गेहूं, गन्ना आदि फसलों में तापमान गिरने या मौसम साफ न होने से कोई नुकसान नहीं है।
जिला आलू विकास एवं शाकभाजी अधिकारी आरएन वर्मा ने बताया कि आलू की फसलों में किसान दवा का एक छिड़काव कर चुके हैं। लगातार मौसम खराब रहने पर आलू को झुलसा से बचाने के लिए दूसरा छिड़काव करना होगा। फिलहाल एक-दो दिन धूप न निकलने से आलू की फसल में नुकसान नहीं है।
मौसम बदलते ही बाजार में गर्म कपड़ों की मांग बढ़ गई है। शुक्रवार को कपड़े की दुकानों पर लोग गर्म कपड़े खरीदते दिखाई दिए। ग्रामीण क्षेत्र में किसानों ने अलाव जलाकर ठंड से बचने का प्रयास किया। शहरी क्षेत्रों में अभी सरकारी अलाव जलने शुरू नहीं हुए हैं।

शहर के कायमगंज बाइपास रोड से कोहरे में गुजरते वाहन। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

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