फर्रुखाबाद/अमृतपुर। गंगा और रामगंगा का जलस्तर कम होने के बाद अब बीमारियों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। गई गांवों के ग्रामीण बुखार और कंजक्टिवाइटिस से ग्रसित हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक गांव में डॉक्टरों की टीम नहीं पहुंची है। उधर, रामगंगा में और पानी छोड़े जाने से कटान तेज हो गया है।
कुछ दिनों से गंगा में पानी न छोड़े जाने से जलस्तर कम हो गया है। गंगा चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 10 सेंटीमीटर कम हो गई है। अब गंगा का जलस्तर 136.50 मीटर है। रविवार को गंगा में नरौरा से 134235 क्यूसेक और हरिद्वार से 57248 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसका असर दो दिन में ें दिखाई देगा।
रामगंगा का जलस्तर घटकर 135.00 पर पहुंच गया है। रविवार को इसमें बिजनौर से 121212 क्यूसेक, कालागढ़ और खो हरेली से 11925 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है जलस्तर में जो कमी आई है। उसमें दोबारा वृद्धि होगी।
अभी दोनों नदियों का जलस्तर कम होने के कारण अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांव ऊगरपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, मंझा, करनपुर घाट, कुडरी सारंगपुर, नगला दुर्गू, सुंदरपुर, तीसराम की मढ़ैया गांवों में भरा हुआ पानी कम होने लगा है। वहीं संक्रामक रोगोेें ने पैर पसार लिए हैं।
इन गांवों के ग्रामीण बुखार और कंजक्टिवाइटिस की बीमारी से पीड़ित हैं। इसकी जानकारी मिलने पर एसडीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को गांव में जाकर दवा बांटने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में नहीं पहुंची।
इस कारण इन गांवों के ग्रामीण बुखार और आंखों की लालामी की बीमारी से परेशान हैं। उधर, अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांव कोला सोता, हरपालपुर, अलादपुर भटौली में रामगंगा का जलस्तर कम होने से कटान तेज हो गया है। इससे गांव के लोग परेशान है। गांव में भरा पानी कम होेने के बाद भी झोपड़ियां जलमग्न हैं।