गांव अलादपुर भटौली में रामगंगा के किनारे बने मकान में रहने को मजबूर ग्रामीण।
- फोटो : FARRUKHABAD
प्रशासन ने नहीं किया इंतजाम ग्रामीणों ने खुद उतारी नाव
अमृतपुर। बांधों से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा कम होने से गंगा और रामगंगा के जलस्तर में शुक्रवार को पांच-पांच सेंटीमीटर की कमी आई है। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से घटकर 136.55 पर आ गया है। रामगंगा का 134.65 मीटर से घटकर 134.60 पर पहुंच गया है। रामगंगा की तेज धार से अलादपुर भटौली में कटान ने रफ्तार पकड़ ली है, इससे गांव के लोग भयभीत हैं। गांव हरसिंहपुर कायस्थ के रास्ते में पानी भरा होने से ग्रामीणों ने खुद नाव की व्यवस्था की है। प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली है।
गंगा और रामगंगा में बांधों से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा कम हो गई है। शुक्रवार को गंगा में 55982 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जलस्तर चेतावनी बिंदु से पांच सेंटीमीटर कम हो गया। हालांकि गांव हरसिंहपुर कायस्थ के रास्ते में पानी भरा है। इससे आवागमन बंद होने के बाद भी प्रशासन की ओर से नाव की व्यवस्था नहीं की गई। इससे ग्रामीणों ने खुद नाव की व्यवस्था कर आवागमन शुरू किया है। 12 गांवों के नजदीक तक गंगा का पानी भरा है। इन गांवों के लोग भी परेशान हैं।
रामगंगा में 1942 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की कमी होने से गांव अलादपुर भटौली में कटान तेज हो गई है। ग्रामीण गुरुदेव, विदेश कुमार, छोटेलाल, सीताराम व हरिशचंद्र के गंगा किनारे गांव में मकान बने हैं। कटान की रफ्तार बढ़ने से इनके मकानों पर खतरा मडराने लगा है। मकान कभी भी कटान की जद में आ सकते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इसी प्रकार कटान होती रही तो रामगंगा की तेज धार से कई घर कट जाएंगे। एसडीएम बृजेंद्र कुमार ने बताया कि अभी बाढ़ नहीं है। बाढ़ आने पर नाव की व्यवस्था की जाएगी। अलादपुर भटौली में जिन ग्रामीणों के मकान रामगंगा किनारे हैं उनको दूसरी जगह जमीन दी गई है। वहां जाने को कई बार कहा गया, लेकिन कोई भी दी गई जमीन पर आशियाना बनाकर रहने को तैयार नहीं है।