फर्रुखाबाद। मिट्टी खनन की अनुमति देने के नाम पर 24 हजार रुपये की रिश्वत लेते खनन अधिकारी व उनके निजी चालक को कानपुर की विजिलेंस टीम ने फतेहगढ़ की ऑफिसर्स काॅलोनी स्थित आवास से दबोच लिया। शाम को टीम दोनों ही आरोपियों को अपने साथ लेकर कानपुर चली गई। भ्रष्टाचार का मुकदमा वहीं थाने में दर्ज किया गया है।
मऊदरवाजा थाने के गांव हरसिंहपुर गोवा निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य भजनलाल के बेटे आदेश यादव ने अपने खेत से मिट्टी उठाकर अपने ही प्लॉट में डालने की अनुमति लेने के लिए ऑनलाइन चार आवेदन किए थे। चारों आवेदन 100-100 घन मीटर खनन के थे। 100 घटन मीटर तक खनन की कोई फीस नहीं लगती है। इसके बाद भी खनन अधिकारी ने प्रति आवेदन चार हजार रुपये की मांग करते हुए 24 हजार रुपये देने को कहा था। आदेश ने रुपये देने में असमर्थता जताई तो खनन अधिकारी (सहायक भूवैज्ञानिक) संजय प्रताप ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था। आदेश ने पांच जून को कानपुर स्थित सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) में शिकायत की थी। इसके बाद विजिलेंस टीम ने खनन अधिकारी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
बृहस्पतिवार दोपहर करीब एक बजे टीम खनन अधिकारी के ऑफिसर्स कॉलोनी स्थित आवास के पास पहुंच गई। आदेश ने खनन अधिकारी के आवास का दरवाजा खटखटाया तो उनके निजी चालक व रिश्ते में भांजे मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव नगला भूड़ निवासी लाखन ने दरवाजा खोला। सामने ही कुर्सी पर खनन अधिकारी संजय प्रताप बैठे थे। आदेश ने चारों आवेदन पर अनुमति देने के रुपये देने की बात कही। उन्होंने लाखन को रुपये देने का इशारा कर दिया। आदेश ने 24 हजार रुपये लाखन को दे दिए। लाखन गिनने के बाद खनन अधिकारी को रुपये पकड़ाने लगा तभी विजिलेंस टीम ने खनन अधिकारी व लाखन को दबोच लिया।
खनन अधिकारी से रिश्वत में दिए 24 हजार रुपये के अलावा तलाशी में 30 हजार रुपये और बरामद हुए। विजिलेंस टीम दोनों को अपनी कार से फतेहगढ़ कोतवाली लेकर पहुंची। इस दौरान लाखन के परिजन वहां पहुंच गए। खनन अधिकारी संजय प्रताप जौनपुर के थाना केराकत के गांव चौकिया के रहने वाले हैं। जुलाई 2023 में जनपद में उनकी तैनाती हुई थी। उन्होंने वर्ष 2017 में नौकरी हासिल की थी। सीतापुर, हरदोई व उन्नाव जनपद में भी तैनात रहे।
सीओ सिटी अभय वर्मा ने बताया कि विजिलेंस टीम दो लोगों को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई है। उनके पास नकदी बरामद हुई है।