राजेपुर। सीएचसी में लगने वाले स्वास्थ्य मेले के नाम पर राजनीति चमकाई जा रही है। अधिकारी भी नेताजी को अपना काम दिखाकर खुद की पीठ थपथपा रहे हैं। हकीकत यह है कि शनिवार को स्थानीय सीएचसी में लगे स्वास्थ्य मेले का टेंट नेताजी के जाते ही उखड़ गया। वहां न योजनाओं को जानकारी देने वाले स्टाल रहे और न ही डॉक्टर। रिकार्ड मजबूत करने के लिए पंजीकरण रजिस्टर पर 960 नाम जरूर दर्ज कर लिए गए।
शासन के निर्देश पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य मेले लगाए गए। शासन की मंशा थी कि एक ही स्थान पर लोगों को सरकारी सभी योजनाओं का लाभ दिया जा सके। इसके लिए विभागवार योजना से संबंधित स्टॉल लगाने के आदेश हैं। सुबह 10 बजे से चार बजे तक मेले में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही अन्य योजनाओं का भी लाभ मिल सके।
इसी के चलते राजेपुर सीएचसी में लगे स्वास्थ्य मेले में सुबह 10 बजे से डॉक्टरों ने स्टाल लगाकर मरीजों को देखना शुरू कर दिया। इसके बाद करीब 11:40 बजे भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता, ब्लाक प्रमुख पल्लव सिंह सोमवंशी व अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य के पुत्र संदीप शाक्य पहुंचे।
उन्होंने मेले का शुभारंभ किया। दो गर्भवती की गोदभराई और चार बच्चों के अन्न प्राशन हुआ। युवा कल्याण विभाग की ओर से छह मंगल दलों को खेल किट वितरित की गईं। इस बीच स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए 960 लोगों के पंजीकरण किए गए।
डॉ. सिद्धार्थ, डॉ. अनुराग, डॉ. रजत कटियार, डॉ. सुरेंद्र सिंह ने मरीजों का परीक्षण किया। नोडल अधिकारी डॉ. दीपक कटारिया ने व्यवस्थाएं देखीं। इसके साथ ही सरकारी योजनाओं का खूब गुणगान किया गया, जिससे नेताजी भी उनकी सक्रियता की तारीफ कर सकें। करीब 12:45 बजे भाजपा नेता व अधिकारी मेले से चले गए। फिर क्या था कि सभी सेवाएं पुराने ढर्रे पर आ गईं।
किसी भी जिम्मेदार को न मरीजों की फिक्र रही और न ही लाभार्थियों की चिंता। कुछ ही देर में योजनाओं से संबंधित स्टाल समेट लिए गए और डॉक्टर भी चले गए। एक बजे मेला समाप्त कर टेंट भी उखड़ने लगा। किसी ने मेले का निर्धारित समय शाम चार बजे का ध्यान भी नहीं रखा। कार्यक्रम में भाजपा नेता सुधीर गुप्ता, अनुराग सिंह, सुदेश त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।
भीड़ बढ़ाने के लिए लगीं आशा व आंगनबाड़ी कर्मी
स्वास्थ्य मेले में मरीजों की भीड़ बढ़ाने के लिए आशा, एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लगाय गया। सीएचएसी पर प्रतिदिन ओपीडी में करीब 250-300 से मरीज पहुंचते हैं। शनिवार को मेले में 960 मरीजों का पंजीकरण हुआ। इनमें 114 लोगों की जांचें हुईं। 26 के आयुष्मान कार्ड बनाए गए।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रमित राजपूत ने बताया कि डायरिया, सर्दी, खांसी, जुकाम के मरीज अधिक थे। दो बजे तक टेंट उखड़ने के संबंध में पूछा गया तो वह बात घुमा गए। बोले तीन बजे तो होम्योपैथिक डॉक्टर ने मरीज देखे।
सीएमओ बोले मांगेंगे जवाब
सीएमओ डॉ. सतीश चंद्रा ने बताया कि स्वास्थ्य मेले में वह स्वयं गए थे। व्यवस्थाएं ठीक थीं। यदि समय से पहले मेला समाप्त किया गया है और टेंट उखाड़ा गया तो वह एमओआईसी से से इस संबंध में जवाब मांगेंगे। पंडाल, बैनर, स्टॉल, स्टाफ का भोजन, बिजली, पानी, जनरेटर आदि पर खर्च के लिए शासन से बजट मिलता है।