फर्रुखाबाद। सरकारी स्कूलों में प्रत्येक बुधवार को नौनिहालों को पीने के लिए मिलने वाला दूध अब नहीं मिलेगा। बजट के अभाव में शिक्षकों ने दूध वितरण किए जाने से इनकार कर दिया है। शिक्षक संगठन की हुई बैठक में वित्त एवं लेखाधिकारी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया गया है।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष संजय तिवारी के आवास पर रविवार को हुई बैठक में जिलाध्यक्ष ने कहा कि शिक्षक को छात्र से सम्मान पाने के लिए पहले उसे अपने आचरण की शुद्धता का उदाहरण देना होगा, तभी छात्र सम्मान देंगे। नगर अध्यक्ष पीआर सिंह कश्यप ने कहा कि नगर के सभी स्कूलों में बजट के अभाव में बुधवार को बच्चों को दूध वितरण नहीं हो सकता।
इस कारण दूध वितरण करना बंद कर दिया गया है। इसमें शामिल हुए शिक्षकों ने बुधवार को दूध वितरण न करने का प्रस्ताव पास तैयार कर प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजा है। बैठक में वित्त एवं लेखाधिकारी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास करते हुए कहा गया कि बकाया अवशेष, भूंकप पीड़ितों को दिए जाने के लिए वेतन से काटी गई धनराशि का प्रमाण पत्र अभी तक नहीं दिया गया है।
अगर शिक्षकोें की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो संगठन जिले के शिक्षकों के साथ आंदोलन करेगा। इस दौरान हुकुम सिंह, सुनील कुमार, शशी दुबे, नरेन्द्र पाल सिंह, सुखदेव दीक्षित, राजेश शर्मा, कौशल दीक्षित, मयंक, संतोष कुमार, भारती मिश्रा, अनिल कुमार, बिजजीस फातमा, ज्ञानीदेवी, शोभाराजपूत, वंदना अग्निहोत्री समेत कई शिक्षक मौजूद रहे।