कंपिल में तैनात है सुप्रिया को नौकरी दिलाने वाला शिक्षक
कायमगंज(फर्रुखाबाद)। रजपालपुर की सुप्रिया को अनामिका शुक्ला नाम से कासगंज में शिक्षिका की नौकरी दिलवाने वाला मास्टरमाइंड शिक्षक कंपिल क्षेत्र में तैनात है। वह मैनपुरी का रहने वाला है। उसने नौकरी दिलवाने के नाम पर डेढ़ लाख रुपये लिए थे। बेटी की गिरफ्तारी पर पिता के आंसू छलक पड़े।
उधर, रविवार दोपहर पहुंची कासगंज के सोरों थाने की पुलिस ने सुप्रिया के घर दबिश दी। यहां से उसकी बैंक पासबुक, आधारकार्ड समेत परिजनों के भी दस्तावेज ले गई। पिता से नौकरी दिलवाने वाले शिक्षक को गिरफ्तार कराने को भी कहा।
जनपद कासगंज के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में अनामिका शुक्ला नाम से नौकरी कर रही शिक्षिका को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया था। उसने अपना नाम, पता सही नहीं बताया था। पता चला था कि अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी कर रही शिक्षिका वास्तव में कायमगंज के गांव रजपालपुर निवासी महिपाल सिंह की पुत्री सुप्रिया है।
वह कासगंज में अगस्त 2018 से नौकरी कर रही थी। रविवार को महिपाल सिंह ने बताया उनकी पुत्री सुप्रिया ने रामदर्शनी राजकीय इंटर कालेज भटासा से इंटर व एसडी कालेज से 2018 में बीए किया था। इसके बाद उसके संपर्क में मैनपुरी का एक शिक्षक आया। वह कंपिल क्षेत्र के एक प्राथमिक विद्यालय में तैनात है। उसका घर पर आना जाना था।
उसी ने सुप्रिया की नौकरी लगवाने का भरोसा देकर डेढ़ लाख रुपये मांगे। 50 हजार रुपये नगद दे दिए। नौकरी मिलने पर सुप्रिया ने मानदेय की रकम से एक लाख रुपये दिए। बेटी के पकड़े जाने से दुखी पिता ने कहा कि पैसा भी चला गया और बेटी भी मुसीबत में फंस गई। बोले, वह तो गरीब हैं। दो बीघा खेती है। मजदूरी कर बच्चों को पढ़ाया।
बड़ी बेटी प्रतिभा हाईस्कूल पास है। इस साल उसकी शादी करनी थी लेकिन लॉकडाउन से टल गई थी। बताया कि शिक्षक के साथ सुप्रिया कानपुर गई थी। वहीं पर सभी शैक्षिक प्रमाण पत्र शिक्षक ने ले लिए थे। जब उन्हें फर्जी नौकरी के बारे में जानकारी हुई तो शनिवार को सुप्रिया को नौकरी छोड़ने के लिए भाई संघरतन के साथ कासगंज भेजा था।
उधर रविवार कासगंज के सोरों थाने की पुलिस ने महिपाल के घर पर दबिश दी। पुलिस वहां से सुप्रिया समेत परिजनों के दस्तावेज साथ ले गई। साथ ही आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कराने को कहा।
मास्टरमाइंड मोबाइल हैं बंद
कायमगंज। फर्जी तरीके से नौकरी दिलाने वाले मैनपुरी के शिक्षक से सुप्रिया के परिजनों का अब संपर्क नहीं हो रहा है। महिपाल सिंह ने बताया कि शिक्षक से उनकी ज्यादा बात तो नहीं होती थी, लेकिन उनके पुत्र व पुत्री से बात होती थी। सुप्रिया की गिरफ्तारी के बाद उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है।
लाखों रुपये वेतन ले चुकी सुप्रिया
कायमगंज। अनामिका के नाम से कायमगंज के गांव रजपालपुर निवासी सुप्रिया कासगंज जनपद के कस्तूरबा विद्यालय में अगस्त 2018 में तैनात हुई थी। तबसे लेकर अब तक करीब साढ़े चार लाख रुपये वेतन ले चुकी है।
रजपालपुर गांव में छाया सन्नाटा
कायमगंज। फर्जीवाड़े में सुप्रिया की गिरफ्तारी की सूचना के बाद से गांव में सन्नाटा है। गांव में कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं था। सुप्रिया का घर अंदर से बंद था। काफी देर बाद पिछवाड़े उसके पिता घूमते मिले। ग्रामीणों के समझाने पर एक पेड़ के नीचे बैठकर उन्होंने अपना दर्द बयां किया और रोते हुए बोले बेटी की नौकरी की लालच में वे झांसे में फंस गए।