भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने यहां प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने
साफ कहा कि मौसम के कहर से बर्बाद हुए किसानों के लिए केंद्र से मदद राशि
भेजी गई। बावजूद इसके किसानों को उचित मुआवजा नहीं दिया गया। केंद्र के
मंत्री उनका दुख दर्द जानने उनके खेत तक पहुंचे लेकिन प्रदेश सरकार के
मंत्री न अफसर किसानों का हाल पूछने पहुंचे। पत्रकारों से बात कर रहे
प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने सपा, बसपा और कांग्रेस को चोर-चोर
मौसेरे भाई की संज्ञा दे डाली।
भाजयुमो के राष्ट्रीय मंत्री प्रांशुदत्त
द्विवेदी के आवास पर बुधवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए प्रदेश
अध्यक्ष ने कहा कि बरसात और ओलावृष्टि से किसान तबाह हो गया। राजनाथ सिंह,
नितिन गडकरी समेत केंद्र के चार-चार मंत्री किसानों दर्द जानने पहुंचे।
उन्होंने खुद 22 जिलों का भ्रमण कर किसानों का हाल जाना। प्रदेश सरकार के
मंत्री क्या जिला प्रशासन के अफसरों तक ने खेतों में जाना जरूरी नहीं समझा।
केंद्र सरकार ने किसानों को मुआवजा देने के लिए बजट दिया। इसके
बावजूद
प्रदेश सरकार ने उचित मुआवजा नहीं दिया। कहा कि किसानों का कर्ज व बिजली
बिल माफ कर जीरो प्रतिशत पर कर्जा देना चाहिए। केंद्र सरकार ने गेहूं खरीद
केंद्रों पर मानक बोर्ड लगाने को कहा था लेकिन कहीं मानक बोर्ड नहीं लगा
है। श्री वाजपेयी ने सपा, बसपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए चोर-चोर
मौसेरे भाई कह डाला। जनता दल के सपा में विलय के सवाल पर प्रदेश अध्यक्ष ने
कहा कि ये गठबंधन नहीं हो पाया। भाजपा बिहार में पूरे दमखम से चुनाव
लड़ेगी।
सदस्यता अभियान पर प्रदेश सरकार के उंगली उठाए जाने के सवाल पर
उन्होंने तीखी टिप्पणी की कि समाजवादी पार्टी ऐसा सदस्यता अभियान चलाकर
दिखाए। अभी तक भाजपा में करीब 1.86 करोड़ सदस्य बनाए जा चुके हैं। अब
महासंपर्क अभियान में डोर टू डोर जाकर इन सदस्यों को केंद्र सरकार की
उपलब्धियों के बारे में बताया जाएगा। नरेंद्र मोदी का गुणगान करते हुए कहा
कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश विकास की ओर जा रहा है। पुलिस भर्ती को
लेकर प्रदेश अध्यक्ष ने
कहा कि इसमें 60 प्रतिशत तक घोटाला हुआ है। अगर
ऐसा नहीं है तो प्रदेश सरकार सूची सार्वजनिक करे। अब फिर से प्रदेश सरकार
ने गलत मंशा के चलते बगैर लिखित परीक्षा दिए पुलिस में सीधी भर्ती करने के
आदेश दिए हैं। प्रधानमंत्री के बार-बार विदेश यात्रा करने पर राहुल गांधी
द्वारा की जा रही टिप्पणी को लेकर कहा कि भूमि अधिग्रहण बिल पेश होने के
समय वह कहां गए थे। 57 दिन गायब रहे थे। खुद उनकी पार्टी के लोग ही पूछने
लगे थे कि वे कहां चले गए।