फर्रुखाबाद। गैंगस्टर के मामले में शाहजहांपुर जेल में बंद अधिवक्ता संजीव पारिया के खिलाफ शिकायत की गई कि उन्होंने फर्जी तीन स्कूल दिखाकर करोड़ों रुपये का वजीफा निकाल लिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर बीएसए ने जब जांच करवाई तो मौके पर स्कूल चलते नहीं मिले। जांच रिपोर्ट भी जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को दी जा चुकी है। हालांकि बीएसए विभागीय रिकार्ड भी खंगालने की बात कह रहे हैं।
अधिवक्ता राजीव कुमार बाजपेई ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर शिकायत की थी कि अधिवक्ता संजीव पारिया ने सोनी पारिया स्कूल के नाम से संस्था अपने परिवार के ही सदस्यों के साथ मिलकर विधि विरुद्ध पंजीकृत करा रखी है। इसी अवैध संस्था के तीन विद्यालय मोहल्ला चंद्रगुप्त नगर मनिहारी, बौद्ध नगर टाउनहाॅल और भगत सिंह नगर मौलवी बदन खां कागजों पर फर्जी चल रहे हैं। इन तीनों विद्यालयों के नाम पर करोड़ों रुपये का वजीफा निकालकर गबन किया है। यह तीनों विद्यालय फर्जी कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर चल रहे हैं।
जिलाधिकारी ने बीएसए को जांच के निर्देश दिए थे। बीएसए ने जांच नगर शिक्षाधिकारी को सौंपी थी। नगर शिक्षाधिकारी ने जब तीनों स्कूलों की जांच की तो कोई भी विद्यालय मौके पर चलते नहीं मिले।
बोले जिम्मेदार
शिकायत की जांच करने गए थे, लेकिन तीनों स्कूल मौके पर चलते नहीं मिले। मोहल्लेवासियों व सभासद से भी इन विद्यालयों के संचालन के बारे में जानकारी की तो उन्होंने बताया कि इस नाम से वर्तमान में कोई विद्यालय संचालित नहीं है। जांच आख्या बीएसए को भेज दी है।
- इंद्रप्रताप सिंह, नगर शिक्षाधिकारी।
शिकायत के आधार पर जांच करवाई गई तो मौके पर कोई स्कूल चलते नहीं पाए गए। कार्यालय में भी विभागीय अभिलेख देखे जाएंगे कि जिन विद्यालयों की शिकायत हुई है, उन्हें मान्यता दी गई है या नहीं।
- गौतम प्रसाद, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी